घनसाली (टिहरी)। भिलंगना ब्लॉक की बड़ी आबादी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी अस्पताल के उच्चीकरण की राह ताक रही है। इसका उच्चीकरण होगा तो स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पिलखी अस्पताल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वास्थ्य महानिदेशालय देहरादून को भेजा गया है। वर्तमान तक इस पर कोई भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी की स्थापना 1972 में हुई थी। पिलखी स्वास्थ्य केंद्र लगभग 80 से अधिक ग्राम पंचायत का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां हर माह 30 से अधिक डिलीवरी होती है। प्रतिदिन लगभग 150 लोग स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंचते हैं। क्षेत्र के लोग भी लगातार अस्पताल के उच्चीकरण की मांग कर रहे हैं। अस्पताल के पास वर्तमान में तीन हजार वर्ग मीटर भूमि है। लगभग 1640 वर्ग मीटर भूमि ग्रामीणों ने 20 जुलाई 2018 में दान देकर उसकी रजिस्टरी स्वास्थ्य विभाग के नाम की है।
स्थानीय लोगों की मांग पर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने बीते फरवरी से स्वास्थ्य विभाग से उच्चीकरण का प्रस्ताव मांगा था। सीएमओ की ओर से बीते अक्तूबर में पिलखी अस्पताल का उच्चीरकण कर इसे 30 बैड का बनाने और पदों का सृजन कर प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन वर्तमान तक इस पर कोई भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है, जिससे स्थानीय लोगों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय निवासी दिनेश गुसाईं, सुमन गुसाईं, राम सिंह बिष्ट का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी का उच्चीकरण होता, तो स्थानीय लोगों को एक्सरे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलती है। एक्सरे कराने के लिए यहां के लोगों को 70 किमी दूर जिला मुख्यालय नई टिहरी जाना पड़ रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिलखी अस्पताल का उच्चीकरण करने की प्रक्रिया शासनस्तर पर गतिमान है। इस वित्तीय वर्ष में पिलखी अस्पताल का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उच्चीकरण होने की उम्मीद है।
-डाॅ. श्याम विजय, सीएमओ टिहरी