थौलधार के धरवाल गांव की एकल पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पर्याप्त पानी न मिलने के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लाइन की मरम्मत के लिए बीआरओ ने 27 लाख की धनराशि ब्लॉक कार्यालय को जारी की है, लेकिन लाइन की मरम्मत पर 30 लाख से अधिक बजट खर्च होने के कारण कोई भी ठेेकेदार टेंडर लेने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों ने जल संस्थान से टैंकर से पानी की आपूर्ति करने की मांग की।
धरवाल गांव में लगभग 200 परिवार निवासरत हैं। गांव के लिए कोटीगाड़ से एकल पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती थी, लेकिन 7-8 माह पहले चंबा-धरासू हाईवे पर ऑल वेदर परियोजना निर्माण से गांव की पाइप लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। पानी की आपूर्ति बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कंडी पेयजल योजना से गांव में पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन इन दिनों कंडी योजना पर पानी कम होने के कारण धरवालगांव में पानी का संकट बना हुआ है। सरोप सिंह बिष्ट, सत्ये सिंह बिष्ट का कहना है कि लोग किसी तरह जल स्रोतों से अपने लिए पानी की व्यवस्था जुटा ले रहे हैं, लेकिन मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था जुटा पाना मुश्किल बना है। उन्होंने क्षतिग्रस्त पेयजल योजना के जल्द मरम्मत की मांग की। ब्लॉक प्रमुख प्रभा बिष्ट का कहना है कि लाइन की मरम्मत के लिए बीआरओ ने बजट दिया है, लेकिन बजट कम होने के कारण ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं हैं। दोबारा से टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बजट कम होने पर दोबारा से बीआरओ को प्रस्ताव दिया जाएगा। पूर्व बीडीसी सदस्य बुद्धि सिंह बिष्ट ने जल संस्थान से टैंकरों से पानी की आपूर्ति करने की मांग की।
धरवाल गांव ग्राम पंचायत की अपनी पेयजल लाइन है। पानी की कमी होने पर ब्लॉक प्रमुख ने टैंकर से पानी आपूर्ति करने का प्रस्ताव भेजा है, लेकिन जब तक उस क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक/उप निरीक्षक की रिपोर्ट नहीं आती तब तक टैंकर से पानी की आपूर्ति करना संभव नहीं है। - सतीश चंद्र नौटियाल, ईई जल संस्थान नई टिहरी।