लंबगांव (टिहरी)। प्रतापनगर ब्लाॅक में गुलदार के भय से कुछ दिन की राहत के बाद अब भदूरा पट्टी के पुजार गांव में गुलदार की दहशत पैदा हो गई है। ग्रामीण शाम ढलते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। महिलाओं का खेतीबाड़ी का काम करना मुश्किल हो गया है। बच्चे भी गुलदार के खौफ में स्कूल जा रहे हैं। परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार के भय से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
भदूर पट्टी के पुजार गांव में एक सप्ताह से गुलदार की दहशत बनी है। सुबह-शाम गांव के रास्ते और खेतों में दिखने से लोग खासे भयभीत हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के आसपास ज्यादातर खेतों में झाड़ियां उगी होने के कारण वह कहां छिपा है कुछ पता नहीं चल रहा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में मुश्किल हो रही है।
प्रधान रुचिता नौटियाल, सुरेंद्र नौटियाल, रामकुंवर सेमवाल और परमानंद सेमवाल ने बताया कि शाम ढलते ही गुलदार गांव के नजदीक धमक रहा है। इससे भयभीत लोगों को सूरज ढलते ही अपने घरों में कैद होने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि दिन के समय भी लोग खेतों में अकेले जाने से डर रहे हैं। बच्चों को भी भय के साए में स्कूल जाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि गांव के कांडी और टिपरी नामे तोक में गुलदार कई बार दिख गया है, जिससे वहां दिन में भी गुलदार का भय बना हुआ है।
ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग पिंजरा लगाकर जल्द ही गुलदार को नहीं पकड़ता है, तो वह किसी के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। उन्होंने विभाग से समय रहते गुलदार को पकड़ने की मांग की है। इस बाबत रेंजर हर्षराम उनियाल ने कहा कि पुजार गांव में गुलदार दिखने की सूचना मिली है। वन विभाग की टीम को शीघ्र ही गांव भेजा जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा है कि वे शाम-सुबह के समय खासी सावधानी बरतें। बच्चों को घर से बाहर अकेले न जाने दें।