नरेंद्रनगर (टिहरी)। उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून पर जनता की राय जानने के लिए एसडीएम देवेंद्र सिंह नेगी अध्यक्षता में विभिन्न संगठनों से जुड़े जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें वक्ताओं ने हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में सशक्त भू-कानून लागू करने की पैरवी की है।
तहसील सभागार में आयोजित बैठक में स्थानीय लोगों ने कहा कि वर्ष 2000 से जनता सशक्त भू-कानून की मांग करती आ रही है, लेकिन सरकारें अपने हिसाब से कानून बनाती है। हिमाचल की तर्ज पर यहां भी ऐसा कानून लाएं। ताकि बची हुई जमीन को अब बेच न सके। कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तम सिंह असवाल ने कहा कि एनडी तिवारी सरकार ने बेहतर कानून बनाया था, लेकिन उसे बदल दिया गया। यदि प्रदेश सरकार उसे तत्काल लागू करे, तो उत्तराखंड की पहाड़ी क्षेत्र की जमीन भू-माफियाओं के चुंगल से बचाई जा सकती है।
सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाकर भू-कानून पर मंतव्य सार्वजनिक करे। अधिवक्ता अनिल रावत ने कहा कि नोटिफाइड एरिया में भी भू-कानून को लागू किया जाना चाहिए। दिनेश भट्ट ने कहा कि कृषि भूमि को प्रदेश से बाहरी व्यक्ति को बेचने की अनुमति किसी को न दी जाए। सभासद विनोद सकलानी ने कहा कि स्थानीय उद्योगों में भी 80 प्रतिशत नौकरी व रोजगार मूल निवासियों को मिलना चाहिए। इस अवसर पर राजेंद्र राणा, राजेंद्र गुसाईं, विजय धामंदा, दिनेश कुमार, अनुराग पयाल, अनिल बहुखंडी, अजय रमोला, अनिल रावत, विनोद सकलानी, जबर सिंह नेगी, जयपाल नेगी मौजूद थे।