दूध में मिलावट के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और डेयरी विकास विभाग ने चंबा-मसूरी हाईवे पर दुग्ध वाहनों की चेकिंग की गई। 19 वाहनों में गांवों से आने वाले दूध की जांच की गई, जिसमें से दूध के चार सैंपल भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज गए। जबकि बिना लाइसेंस के दूध बेचने वाले चार लोगों को नोटिस थमाया गया।
जिला अभिहित अधिकारी एमएन जोशी ने बताया कि मिलावट की जांच के लिए डेयरी विकास विभाग की ओर से एनालाइजर और ग्राइंडर मशीन लगाई गई। इस दौरान 19 दुग्ध वाहनों की जांच की गई। संदेह के आधार पर चार सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, जबकि चार दूध विक्रेताओं के पास लाइसेंस नहीं मिले। ऐसे में उन्हें मौके पर ही नोटिस थमाए गए। एक सप्ताह में उन्हें लाइसेंस लेने के लिए कहा है। इस मौके पर दुग्ध विकास के सहायक निदेशक एसएस राणा और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी शारदा शर्मा शामिल रहे।