टिहरी बांध की झील में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित सी प्लेन उतारने की योजना परवान नहीं चढ़ पाई है, जिसके चलते सी प्लेन से सफर करने की मुरीद पूरी नहीं हो पाई है। अभी तक सी प्लेन को भूमि और प्वाइंट का निर्धारण भी हो पाया है, जिससे योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है।
करीब दो साल पहले सीएम त्रिवेंद्र रावत ने केंद्र सरकार के सहयोग से टिहरी बांध की झील में सी प्लेन उतारने की घोषणा की थी। इसके लिए पर्यटन, नागरिक उड्डयन मंत्रालय से लेकर केंद्र सरकार के अधिकारियों ने कई बार झील का दौरा कर तकनीकी परीक्षण भी किया, जिसमें झील को सी प्लेन के लिए अनुकूल पाया था। लेकिन अभी तक झील के पास भूमि का चयन और किस-किस स्थान से सी प्लेन यात्रियों को लेकर आएगा। इसका निर्धारण नहीं हो पाया है। सरकार का सी प्लेन उतारने का उद्देश्य झील में देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाना था। बावजूद अभी तक योजना पर प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पाया। सी प्लेन उतरने से लोगों को भी पर्यटन कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी। इस संबंध नागरिक उड्डयन के निदेशक आशीष भटगाईं का कहना है कि झील में सी प्लेन उतारने की कार्रवाई गतिमान है।