पर्यटक स्थल कैंपटी में बिजली और पानी की समस्या गहराने लगी है। इसका असर व्यापारियों पर भी पड़ने लगा है। इस समस्या का समाधान न हुआ तो सीधा असर अप्रैल से शुरू होने वाले यात्रा सीजन पर होगा। इससे पर्यटकों को भी परेशानी झेलनी पड़ेगी।
कैंपटी फॉल जहां पानी का झरना दिनरात बहता रहता है। वहां के व्यवसायियों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। कैंपटी में पानी की आपूर्ति जल संस्थान करता है लेकिन पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने से लोगों में जल संस्थान के प्रति आक्रोश है। व्यापार मंडल अध्यक्ष अनिल नौटियाल, विक्रम सजवाण, रमल रावत, सुमेर कंडारी, बीएस कंडारी, उम्मेद कंडारी, सुरेश रौंछेला, सुंदर सिंह और रमेश रौंछेला का कहना है कि कैंपटी फाल के आसपास झरने के नीचे के दुकानों को पानी नहीं मिल पाता। जब पानी नहीं आता तो उन्हें चार किलोमीटर दूर सैंजी खड्ड जाकर वाहनों से पानी ढोना पड़ता है। दुकानदारों ने जल संस्थान से मांग की है कि उन्हेें अलग लाइन दी जाए।
जल संस्थान के अवर अभियंता प्रवीन मंमगाई ने बताया कि कैंपटी फाल में पानी की यह समस्या पिछले कुछ महीनों से आ रही है। व्यापारियों की समस्याओं को देखते हुए फाल के समीपवर्ती दुकानों के लिए अलग से पाइप लाइन बिछाने का कार्य एक सप्ताह में शुरू कर दिया जाएगा।
कैंपटी में विद्युत कटौती की समस्या पर व्यापारियों की लंबे समय से मांग रही है कि कैंपटी को मसूरी फीडर से जोड़ने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन ऊर्जा निगम इस ओर मुंह मोड़े हुए है। ऊर्जा निगम के ईई शक्ति प्रसाद ने बताया कि कैंपटी फाल को मसूरी फीडर से जोड़ने की स्वीकृति शासन से मिल चुकी है। अप्रैल माह से कैंपटीफाल में मसूरी फीडर से ही विद्युत आपूर्ति की जाएगी।