हाईटेक बनाकर सभी किताबों को ऑनलाइन करने की मांग
नरेंद्रनगर (टिहरी)। नेहरू पुस्तकालय संसाधनों और देखरेख के अभाव में दम तोड़ रहा है। 60 के दशक में यहां नेहरू पुस्तकालय की स्थापना की गई थी। पुस्तकालय में सैकड़ों दुर्लभ दस्तावेजों और किताबों का संग्रहण है, जो बंद अलमारियों में कैद हैं। पुस्तकालय की बदहाली पर स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए इसे हाईटेक बनाकर पुस्तकों को ऑनलाइन करने की मांग की है।
साहित्य और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए नेहरू पुस्तकालय में कई महत्वपूर्ण पुस्तकें उपलब्ध है। 60 के दशक में तत्कालीन प्रशासक की ओर से पालिका के भवन में पुस्तकालय की स्थापना की गई थी। पुस्तकालय में पहले काफी हलचल रहती थी, लेकिन अब यहां किताबाें को पढ़ने के लिए गिनती के चार-पांच लोग ही आते हैं, जिससे लोगों की ओर से इस तरफ ध्यान न देना है। वर्तमान में पुस्तकालय पालिका सभागार के पीछे ऐसे स्थान पर है जहां पर कोई भी व्यक्ति सरलता से नहीं जा सकता है। अब वहां समाचार पत्र और पत्रिकाएं भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं रहते हैं।
सेवानिवृत प्रधानाचार्य ऋतुराज सिंह नेगी, यशपाल सिंह राणा, सुंदर सिंह रावत, प्रकाशकांत ध्यानी, गोविंद सिंह चौहान, मदनलाल चमोली, मंगल सिंह गुसाईं ने नेहरू पुस्तकालय की दुर्दशा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए तहसील और पालिका प्रशासन से उचित स्थान पर पुस्तकालय का संचालन करने की मांग की है।
नगर क्षेत्र में नगर पालिका के वर्तमान में कई भवन निर्माणाधीन है। वैकल्पिक तौर पर वर्तमान स्थान पर नेहरू पुस्तकालय का संचालन किया जा रहा है। नया भवन निर्माण पूरा होने के बाद उसी स्थान पर व्यवस्थित कर संचालन शुरू किया जाएगा। -प्रीतम सिंह नेगी, ईओ नगर पालिका नरेंद्रनगर