थत्यूड़ (टिहरी)। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में प्रतिभा दिवस पर एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) ने विद्यालय के स्काउट गाइड दल के साथ छात्राओं को आपदा के दौरान बचाव की जानकारी दी। एनडीआरएफ टीम के लीडर राम पंकज ने कहा कि आपदा में फंसे लोगों को बचाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज थत्यूड़ में आयोजित आपदा बचाव कार्यक्रम का प्रधानाचार्य उषा मेेहरा ने शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पहाड़ों के आए दिन आपदा की घटनाएं होती है। इस दौरान सतर्क रहकर जानमाल के नुकसान को कम किया जा सकता है। एनडीआएफ के राम पंकज ने छात्र-छात्राओं को आपदा का अर्थ बताने के साथ विभिन्न प्रकारों की आपदाओं की जानकारी दी। कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में आने वाली आपदाओं में भूकंप, भूस्खलन, वनाग्नि, वाहन दुर्घटना, बिजली गिरना शामिल है।
आपदा के दौरान सूझबूझ से काम लिया जाना बहुत जरूरी है। रेस्क्यू टीम के मौके पर पहुंचने तक आपदा में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए। बिना जोखिम के उनकी मद्द की कोशिश करें। साथ ही तत्काल निकटवर्ती पुलिस थाना, चौकी, आपदा प्रबंधन कार्यालय आदि को सूचना दे। एनडीआरएफ की टीम ने छात्र-छात्राओं को अग्निशमन यंत्रों का प्रयोग करने की जानकारी दी। उन्होंने आपदा के दौरान बचाव में आने वाले विभिन्न उपाय के बारे में बताया। इस मौके पर मनोज सिंह, बसंत राम जयपाल, प्रवीन आदि मौजूद थे।
वहीं राजकीय महाविद्यालय थत्यूड़ में तनाव प्रबंधन पर आयोजित कार्यशाला में महाविद्यालय की डॉ़ संगीता खड़वाल ने छात्र-छात्राओं को तनाव मुक्त रहने के टिप्स बताने के साथ तनाव कम करने के उपाया भी बताए। मनोविज्ञान की विभागाध्यक्ष डॉ़ नीलम प्रहरी ने कहा कि तनाव किसी समस्या का हल नहीं है। योगासन, अधिक व्यस्तता और काम के बोझ को कम कर तनाव से मुक्त रहा जा सकता है।
उन्होंने कहा कि तनाव के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। कोशिश करें कि जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो रही है उसका समाधान करने की कोशिश करें। इस मौके पर प्राचार्य डॉ़ पंकज पांडे, डॉ़ राजेश, डॉ़ संदीप कश्यप, डॉ़ अखिल गुप्ता, डॉ़ शीला बिष्ट, महावीर प्रसाद, सुभाष आदि मौजूद थे।