क्षेत्र पंचायत प्रतापनगर की बैठक में मनरेगा के तहत होने वाले विकास कार्यों का भुगतान समय पर न होने और नवनिर्मित सड़कों से क्षतिग्रस्त खेतों का मुआवजा भुगतान काश्तकारों को न होने के मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे। पूर्व की बैठक में दर्ज शिकायतों का समाधान न होने पर सदस्यों ने कड़ा आक्रोश जताया। इससे पहले नवनिर्मित ब्लॉक सभागार भवन का लोकार्पण किया गया।
सोमवार को प्रतापनगर की बीडीसी बैठक ब्लॉक प्रमुख प्रदीप चंद रमोला की अध्यक्षता में हुई। सदस्यों ने पिछली बैठक में दर्ज शिकायतों का निस्तारण न होने पर आक्रोश जताया। कहा कि जब दर्ज शिकायतों का समाधान नहीं होना है तो बीडीसी बैठक का औचित्य ही क्या है। ब्लॉक प्रमुख रमोला ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर सभी सदस्यों की शिकायतों का निराकरण करने के लिए कहा। कहा कि आगामी बैठक से पहले सभी समस्याओं का समाधान कर प्रगति की जानकारी संबंधित सदस्य को उपलब्ध कराई जानी चाहिए। ज्येष्ठ उप प्रमुख कामना सेमवाल ने मनरेगा के तहत गांवों में होने वाले विकास कार्यों का भुगतान समय पर न होने का मुद्दा उठाया। बीडीसी सदस्यों ने कहा कि चार-पांच माह से भुगतान की प्रक्रिया शुरू न होने पर श्रमिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डीडीओ सुनील कुमार ने मनरेगा के कार्यों के जल्द ही भुगतान का आश्वासन दिया।
कनिष्ठ उप प्रमुख संगीता देवी ने कहा कि लोनिवि और पीएमजीएवाई सड़कों का निर्माण कर रही है। लेकिन सड़कों का निर्माण जिन काश्तकारों के खेतों को काटकर किया जा रहा है उन्हें समय पर मुआवजा भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे पहले ब्लॉक प्रमुख रमोला ने 13 लाख की लागत से बने ब्लाक सभागार का लोकार्पण किया। इस मौके पर टिहरी बांध की झील में बिना लाइफ जैकेट के तैराकी करने वाले मोटणा गांव निवासी त्रिलोक रावत, उनके पुत्र पारस और ऋषभ रावत को प्रमुख रमोला और पंचायत प्रतिनिधियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। बैठक में बीडीसी सदस्य धीरेंद्र महर, विनय देवी, जसपाल नवाल, पुरूषोत्तम पंवार, गुलाब सिंह, संगीता रावत, मनोज लाल, अंजू देवी, गिरीश रमोला और जॉनी कुमार मौजूद थे।