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टिहरी बांध प्रभावितों का लंबा संघर्ष होने लगा फलीभूत

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टिहरी बांध प्रभावित गांव के पुनर्वास की प्रक्रिया हुई शुरू। फाइल फोटो। - फोटो : NEW TEHRI
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टिहरी बांध प्रभावितों का लंबा संघर्ष अब फलीभूत होने लगा है। पुनर्वास की मांग को लेकर जेल तक जाने वाले रौलाकोट, नंदगांव, खांड, सिल्ला उप्पू समेत 29 गांव के पुनर्वास की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। रौलाकोट के 124 परिवारों को 29 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से आवासीय और कृषि भूखंड आवंटित किए जाएंगे। नंदगांव के 19 परिवारों को करीब 40-40 लाख रुपये नकद भुगतान की पहली किश्त प्रभावितों के खातों में भेज दी गई है, जबकि अन्य गांवों की संपत्तियों का मूल्यांकन और पात्रता निर्धारण शुरू हो चुका है। ऐसे में अब उम्मीद है कि वर्षों से जीर्णशीर्ण भवनों में रह रहे प्रभावितों को सुरक्षित ठिकाना मिल सकेगा।
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वर्ष 2010 में टिहरी बांध की झील के आसपास भू-धंसाव होने के कारण आरएल 835 से ऊपर बसे कई गांव खतरे की जद में आ गए थे। इस दौरान सरकार ने टिहरी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण होने वाले नुकसान के मूल्यांकन को सांपर्श्विक क्षति नीति बनाई थी, जिसके तहत झील क्षेत्र के आसपास के गांव का विशेषज्ञों ने भ्रमण कर वर्ष 2013 में सरकार को रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट में 415 परिवार खतरे की जद में पाए गए थे। तब से बांध परिवार लगातार पुनर्वास की मांग कर रहे थे। उन्होंने कई बार लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन किया था, जिसके चलते उन्हें जेल तक जाना पड़ा। आखिरकार प्रभावितों का संघर्ष रंग लाया और केंद्र और राज्य सरकार की पहल पर टीएचडीसी और पुनर्वास निदेशालय से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास शुरू कर दिया गया। रौलाकोट के बांध प्रभावित 124 परिवारों को लॉटरी के माध्यम से आवासीय और कृषि भूखंड दिए जाएंगे। 29 अप्रैल को जिला मुख्यालय में भूखंड आवंटन को लॉटरी होगी। इसके बाद उन्हें विस्थापित क्षेत्र में भूमि आवंटन की जाएगी। नंदगांव के 19 परिवारों को करीब 40-40 लाख रुपये प्रथम किश्त के रूप में दे दी गई है, जबकि अवशेष 34 लाख की धनराशि भवन ध्वस्तीकरण का प्रमाणपत्र जमा करने पर प्रभावितों को दी जाएगी। संवाद
रौलाकोट के प्रभावितों का यहां होगा पुनर्वास
रौलाकोट के प्रभावितों को देहरादून के प्रतीतनगर में 109 और हरिद्वार के रोशनाबाद में 6 कृषि भूखंड दिए जाएंगे। जबकि देहरादून के केदारपुरम, पटेलनगर, हरिद्वार के पथरी और ऋषिकेश के पशुलोक में आवासीय भूखंड दिए जाएंगे। जबकि अन्य गांव के प्रभावितों को 74 लाख 40-40 हजार रुपये की नकद धनराशि दी जाएगी।
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इन गांव का भी होगा पुनर्वास
खांड, उप्पू सिल्ला, उप्पू तल्ला, पयालगांव, गडोली, भटकांडा, पिपोला, सांदणा, उठड़, गोजमेर, कैलबागी, पडागली आदि के करीब 200 से अधिक प्रभावित पुनर्वास के लिए चिह्नित है। पुनर्वास निदेशालय के अधिकारी वर्तमान में इन गांव की पात्रता निर्धारण और मूल्यांकन कर रहा है।
सांपर्श्विक क्षति नीति के तहत प्रभावित परिवारों को पुनर्वास हो रहा है। नंदगांव के अधिकांश प्रभावितों को पहली किश्त दी गई है। रौलाकोट के प्रभावितों को 29 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से भूखंड आवंटित किए जाएंगे। अन्य गांव का मूल्यांकन चल रहा है। - धीरेंद्र सिंह नेगी, ईई अवस्थापना खंड पुनर्वास नई टिहरी।
टीएचडीसी ने अगस्त 2021 में पुनर्वास निदेशालय को पैसा दे दिया था, लेकिन पुनर्वास निदेशालय की लापरवाही से प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिससे पुनर्वास में अधिक समय लग रहा है। प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए। - सोहन सिंह राणा, अध्यक्ष बांध प्रभावित संघर्ष समिति टिहरी।
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