प्रदेश के सबसे बड़े ब्लॉक भिलंगना में उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा का कोई भी संस्थान नहीं है। क्षेत्र के एक मात्र बालगंगा महाविद्यालय सेंदुल के राजकीयकरण को लेकर भी छात्र-छात्राओं से लेकर अभिभावक संघर्षरत हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रहे हैं। लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में युवा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय, पालीटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने समेत बालगंगा महाविद्यालय के राजकीयकरण को प्रमुख मुद्दा बना रहे हैं।
घनसाली विधानसभा क्षेत्र में शामिल जाखणीधार ब्लॉक के दो ग्राम पंचायत को छोड़ दें, तो पूरे ब्लॉक के 182 ग्राम पंचायत विधानसभा क्षेत्र में पड़ते हैं। ग्राम पंचायत के आधार पर भी भिलंगना ब्लॉक प्रदेश का सबसे बड़ा ब्लॉक है, लेकिन क्षेत्र में छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए उच्च शिक्षण संस्थान नहीं है। यहां युवा से लेंकर अभिभावक लंबे समय से राजकीय महाविद्यालय, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने से लेकर बालगंगा महाविद्यालय सेंदुल के राजकीय करण की मांग को संघर्षरत है। पूर्व में कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों से लेकर शासन-प्रशासन ने उन्हें आश्वासन भी दिया। बावजूद मांग पूरी नहीं हो पाई। विधानसभा चुनाव में अब ये समस्याएं प्रमुख चुनावी मुद्दे बनकर सामने आ रहे हैं।
बलगंगा महाविद्यालय का राजकीयकरण न होने से छात्रों को कई दिक्कतें उठानी पड़ रही है। राजकीयकरण के लिए कई बार आंदोलन किया, लेकिन आश्वासन ही मिले है। इस चुनाव में राजकीयकरण करवाने का पुख्ता आश्वासन देने वाले उम्मीदवार को ही वोट देंगे।
-अंजलि चौहान, निवर्तमान छात्रसंघ अध्यक्ष, बालगंगा महाविद्यालय सेंदुल।
घनसाली विधानसभा क्षेत्र में पॉलीटेक्निक कॉलेज न होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं तकनीकी शिक्षा से वंचित रह रहे हैं। युवाओं की पॉलीटेक्निक खोलने को पूरा भरोसा देने वाले व्यक्ति को ही इस बार वोट दिया जाएगा।
-प्रदीप प्रभाकर, स्थानीय युवा घनसाली।
प्रदेश के सबसे बड़े विकासखंड भिलंगना में एक भी राजकीय महाविद्यालय नहीं है। केवल छात्र मान्यता प्राप्त महाविद्यालय सेंदुल पर ही आश्रित है, जिसमें भी कई महत्वपूर्ण विषय से लेकर सुविधाएं नहीं है। राजकीय महाविद्यालय खुलवाने का भरोसा देने वाले प्रत्याशी का ही समर्थन करेंगे।
-अंकिता भंडारी, चमियाला।
घनसाली क्षेत्र में इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की मांग वर्षों से चल रही है, लेकिन मांग पूरी नहीं हो पा रही है। इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं होने के कारण छात्रों को परेशानियां उठानी पड़ रही है। इस बार युवा इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने का आश्वासन चाहते हैं।
-महादेव भंडारी, अखोड़ी।