नई टिहरी। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में हस्तशिल्प कौशलम् प्रशिक्षण में रिंगाल मैन के नाम से प्रसिद्ध राजेंद्र बडवाल ने भावी शिक्षकों को रिंगाल की टोकरी, फूलदान, घोंसला, पेन होल्डर, फुलवारी टोकरी, चाय ट्रे, नमकीन ट्रे, डस्टबिन, टोपी, वाटर बोतल, साइकिल सहित अन्य सामान बनाने का प्रशिक्षण दिया। शिक्षकों ने प्रशिक्षण के दौरान रिंगाल के कई उत्पादों को तैयार किया।
डाइट में पांच दिवसीय कौशलम् हस्तशिल्प प्रशिक्षण का समापन हो गया है। रिंगाल मैन राजेंद्र और नवीन बडवाल ने डायट में 40 भावी शिक्षकों को रिंगाल के विभिन्न उत्पाद बनाने के गुर सिखाए। कार्यक्रम समन्वयक डॉ़ सीमा शर्मा ने बताया कि सीमांत जनपद चमोली दशोली ब्लॉक के किरूली गांव निवासी राजेंद्र बडवाल 16 सालों से अपने पिता दरमानी बडवाल के साथ मिलकर हस्तशिल्प का कार्य कर रहें हैं।
उनके पिता गत 47 सालों से हस्तशिल्प का कार्य करते आ रहे हैं। राजेंद्र ने बताया कि पांच दिवसीय हस्तशिल्प कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भावी शिक्षकों को हस्तशिल्प का प्रशिक्षण देने के साथ उत्तराखंड की विलुप्त होती परंपरागत चीजों की जानकारी से रूबरू करना था। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने भी रिंगाल से कई उत्पादों को तैयार किया। इस मौके पर प्राचार्य डॉ़ हेमलता भट्ट, डॉ़ राजकिशोर, डॉ़ वीर सिंह रावत आदि मौजूद थे।