कटखेत के ग्रामीणों ने जल संस्थान की वैकल्पिक व्यवस्था को बताया नाकाफी
कंडीसौड़ (टिहरी)। थौलधार ब्लॉक में ग्राम पंचायत कटखेत में नवंबर-दिसंबर में जलापूर्ति ठप रही। ऐसे में लोगों ने उक्त दो माह का जलकर नहीं देने का निर्णय लिया है। ग्राम पंचायत की बैठक में पेयजल उपभोक्ताओं ने कहा कि टैंक फटने के कारण जल संस्थान दो माह तक जलापूर्ति नहीं करा पाया जिससे लोगों को कई परेशानियां झेलनी पड़ी। लोगों को जब पानी ही नहीं मिला तो बिल भी नहीं भरेंगे।
कटखेत गांव का पेयजल सप्लाई टैंक क्षतिग्रस्त होने के कारण गांव की पेयजल आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीणों को पेयजल व्यवस्था के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। गांव के प्रधान राधाकृष्ण जोशी ने बताया कि क्षतिग्रस्त टैंक की मरम्मत के दौरान गांव में पेयजल की सप्लाई नवंबर और दिसंबर में पूरी तरह से ठप रही।
ग्रामीणों को पेयजल के लिए काफी जूझना पड़ा। जल संस्थान ने जो व्यवस्था बनाई थी ज्यादातर लोगों को उसका कोई फायदा नहीं मिला। प्रधान ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर गांव में हुई बैठक में निर्णय लिया गया है कि दो माह जब जलापूर्ति हुई ही नहीं तो वह उसका भुगतान भी नहीं करेंगे।
प्रधान ने जल संस्थान से कटखेत के ग्रामीणों का दो माह का बिल माफ करने की मांग की है। इस बाबत जल संस्थान के अवर अभियंता गिरीश सेमवाल ने कहा कि टैंक की मरम्मत के दौरान दो माह तक गांव के लिए बाईपास से लाइन जोड़कर नियमित आपूर्ति दी गई। अब सप्लाई टैंक की मरम्मत होने के बाद पूर्ववत लाइन चालू कर दी गई है। योजना को ग्राम पंचायत के हैंडओवर की जानी है लेकिन ग्रामीण इसके लिए तैयार नहीं है। पानी के बिल को ग्रामीणों को भरना ही पड़ेगा। बिल माफ करने का निर्णय शासन स्तर से ही लिया जा सकता है।