गढ़वाल केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. जेएल कौल ने कहा कि
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवीन और मौलिक अनुसंधानों को बढ़ावा देने की
जरूरत है।
कुलपति पीजी कालेज ने यह बात नई टिहरी और एसआरटी परिसर बादशाहीथौल की संयुक्त पहल पर सोमवार से एसआरटी परिसर में प्राकृतिक पर्यावरण में रेडिएशन की पहचान और रेडिएशन जागरूकता विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए कही।
उन्होंने विज्ञान और सामान्य जीवन के बीच स्वस्थ संबंध के लिए इस तरह की संगोष्ठियों की आवश्यकताओं को जरूरी बताया। विशिष्ट अतिथि श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने कहा कि जागरूकता से ही रेडिएशन से बचा जा सकता है।
यूकॉस्ट के महानिदेशक डा. राजेंद्र डोभाल ने रेडिएशन के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता पर बल दिया।
ग्लोबल एकेडमी ऑफ डाक्टरेट के अध्यक्ष और अरुणाचल विवि के पूर्व कुलपति प्रो. केके द्विवेदी ने उच्च शिक्षा में शोध की गुणवत्ता पर चिंता जाहिर की। इसके लिए उन्होंने नीतिगत प्रयासों पर सवाल उठाते हुए शोध को बढ़ावा देने के लिए यूजीसी की नीतियों में बदलाव करने को कहा।
एसआरटी परिसर बादशाहीथौल के निदेशक प्रो. आरसी रमोला ने बताया कि तीन दिन तक चलने वाली संगोष्ठी में प्राकृतिक विकिरण से संबंधित शोधों पर चर्चा की जाएगी।
आयोजन सचिव डा. कुलदीप सिंह ने बताया कि संगोष्ठी में देश-विदेश के 100 वैज्ञानिक प्रतिभाग कर रहे हैं। इनमें जर्मनी, जापान, नाइजीरिया और इटली के वैज्ञानिक भी शामिल हैं।