कंडीसौड़(टिहरी)। थौलधार ब्लॉक के नगुण पट्टी में ग्राम बगाल चक के ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। गांव में दिनोंदिन पानी की समस्या बढ़ने से लोग परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है, कि गांव की 12 किमी लंबी पेयजल योजना जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है जिससे अधिक लीकेज बढ़ने से पानी की समस्या बढ़ रही है। परेशान ग्रामीणों ने योजना का पुनर्गठन करने की मांग की है।
नगुण पट्टी के ग्राम बगाल चक, सतना और बगाल चक पल्ला में पानी की समस्या बढ़ने लगी है। गांव की प्रधान प्यारी देवी चौहान और क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील डिमरी ने बताया कि गांव की 12 किमी लंबी पेयजल योजना 25 साल से भी अधिक पुरानी है और अब काफी जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। अचानक पानी बंद होने पर जल संस्थान जलापूर्ति तो सुचारु कर देता है लेकिन कुछ दिन की राहत के बाद स्थिति जस की तस हो जाती है। उन्होंने कहा कि योजना के कई पाइप पूरी तरह से सड़ गए हैं जिससे लाइन अक्सर टूटती रहती है। उन्होंने कहा कि जर्जर हो चुकी योजना के बदले नई योजना के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जल संस्थान को कई बार ज्ञापन भेजकर योजना की पुनर्गठन की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। प्रधान ने कहा कि गांव में पेयजल समसया का मुद्दा कई बार बीडीसी बैठक में भी उठाया गया है, बावजूद योजना का पुर्नगठन के लिए धनराशि नहीं मिल पा रही है। गांव के पूर्व प्रधान गोविंद सिंह चौहान ने कहा कि गांव की आबादी बढ़कर पांच सौ से अधिक हो गई है, जिससे पानी की खपत भी बढ़ रही है। इस स्थिति में जलापूर्ति नहीं होने पर पशुपालन व्यवसाय से जुड़े ग्रामीणों के लिए पानी की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन जाती है। उन्होंने योजना का पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। इस बावत जल संस्थान की अवर अभियंता शांति बिष्ट ने कहा कि गरमी के मौसम में स्रोत पर भी पानी कम हो जाता है। इस कारण आपूर्ति कम हो जाती है। योजना का पुनर्गठन किया जाना है तो ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर इस्टीमेट बनाकर स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा।