कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष व थौलधार के पूर्व प्रमुख जोत सिंह बिष्ट ने बताया कि ऑल वेदर रोड परियोजना के कारण अधिग्रहित भूमि के बाहर लोगों की भूमि, परिसंपत्ति और सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान को लेकर उनकी ओर से हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर कोर्ट ने डीएम टिहरी को सारे प्रकरण सुनने के आदेश दिए हैं।
बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रमुख बिष्ट ने बताया कि टिहरी बांध के कारण चंबा से चिन्यालीसौड़ तक बनाई गई सड़क का चौड़ीकरण के लिए हरीश रावत सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव दिया था, जिसे वर्तमान सरकार पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बता रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएच-94 पर निर्माण में लगी कंपनियों ने बड़ी-बड़ी मशीनों से अधिग्रहण की गई भूमि की कटिंग की है, जिससे कई लोगों के आवासीय भवन, कई गांवों के पैदल रास्ते, पेयजल लाइन और अन्य परिसंपत्तियां क्षतिग्रस्त हुई हैं। उनके अधिवक्ता संदीप कोठारी ने बताया कि कोर्ट ने इन सभी मामलों को सुनने के लिए डीएम टिहरी को निर्देश दिए हैं। अधिवक्ता शांति प्रसाद भट्ट, जिला पंचायत सदस्य व अधिवक्ता जयवीर रावत ने कहा कि टिहरी में सीएम ने चार दौरे कर दिए हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए ज्ञापन उन्होंने देहरादून ले जाने की बजाए वहीं सभा स्थल पर ही छोड़ दिए।