टिहरी जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब पूर्व की भांति हर बुधवार को जिला अस्पताल बौराड़ी में ही दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाए जाएंगे। बुधवार से जिला अस्पताल में विधिवत दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुरानी व्यवस्था बहाल होने से दूर दराज क्षेत्रों से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने जिला मुख्यालय पहुंचने वाले दिव्यांग जनों और उनके परिजनों को राहत मिलेगी।
दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए हर बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की पहल पर जिला मुख्यालय में कैंप का आयोजन किया जाता था, लेकिन गत वर्ष मार्च माह से जिला अस्पताल बौराड़ी का संचालन पीपीपी मोड में हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट को दिए जाने से कैंप आयोजन की व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। उसके बाद कभी सीएमओ कार्यालय तो कभी जिला अस्पताल में बुधवार को दिव्यांग कैंप का आयोजन किया जाता रहा है। कैंप में कई बार विशेषज्ञ चिकित्सकों के मौजूद न होने से दूर दराज क्षेत्रों से दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने पहुंचने वाले लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा था। स्थानीय लोगों की मांग पर आखिरकार हिमालयन अस्पताल ने जिला अस्पताल बौराड़ी में फिर से प्रत्येक बुधवार को दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए कैंप शुरू कर दिया है। बुधवार को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से कैंप में पहुंचे 18 लोगों का परीक्षण कर उन्हें प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एके सिन्हा और प्रशासक पुनीत गुप्ता ने बताया कि अब नियमित रूप से प्रत्येक बुधवार को बौराड़ी अस्पताल में कैंप का आयोजन किया जाएगा।