ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर भद्रकाली से चंबा के बीच आपदा के जख्म नासूर बन गए। अगस्त की बारिश से मलबा और बोल्डर गिरने और पुश्ता टूटने से हाईवे जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। तब से दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन बीआरओ मलबा और पत्थर तक नहीं हटा पाया। पानी का छिड़काव न होने के कारण धूल-मिट्टी उड़ रही है। सबसे खराब स्थिति भंडारकी गांव और भिन्नू खाले में बनी हुई है। दोनों स्थानों पर 30 मीटर से अधिक सड़क क्षतिग्रस्त है। मलबा न हटाने के कारण वाहनों के चैंबर मिट्टी के टीले पर टकरा रहे हैं, जिससे दुर्घटना का भय बना हुआ है।
ऑलवेदर परियोजना के तहत ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर भद्रकाली से लेकर चंबा के बीच चौड़ीकरण, नाली निर्माण और हॉटमिक्स का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। बीते 27 व 28 अगस्त को जिले में हुई मूसलाधार बारिश से चंबा-भद्रकाली के बीच हाईवे जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। भंडारकी गांव, खाड़ी, भिन्नू खाला, और आगराखाल के समीप हाईवे का पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया था। चट्टान से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर गिरा पड़ा है। तब से दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन बीआरओ ने हाईवे पर गिरा मलबा और बोल्डर को हटाने की जहमत तक नहीं उठाई।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनिल भंडारी ने बीआरओ की लचर कार्य प्रणाली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हाईवे से हर रोज जिला प्रशासन के अधिकारी और जिम्मेदार जन प्रतिनिधि गुजरते हैं, लेकिन उन्होंने ने भी कभी हाईवे की सुध नहीं ली।
वास्तव में चंबा-भद्रकाली के बीच हाईवे की स्थिति खस्ताहाल बनी हुई है। नरेंद्रनगर की साइट से बीआरओ ने मलबा हटाना शुरू कर दिया है। क्षतिग्रस्त पुश्तों की जल्द मरम्मत करने के लिए बीआरओ को पत्र भेजा गया है। 10-15 दिन के अंतर्गत हाईवे किनारे से मलबा और बोल्डर बीआरओ हटा देगा।
-देवेंद्र सिंह नेगी, एसडीएम, नरेंद्रनगर।