धार्मिक एवं सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित रामलीला में मेघनाथ और लक्ष्मण युद्ध में कलाकारों ने शानदार मंचन किया। लक्ष्मण के मेघनाथ के हाथों मूर्छित होने के दृश्य पर पर दर्शक भावविभोर हुए।
थत्यूड़ में रामलीला की 14वीं रात का मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी राकेश मोहन नयाल ने शुभारंभ करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम हम सबके आदर्श है। उनके जीवन से मांगे प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों पर चलना चाहिए। रामलीला में लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध हुआ, जिसमें मेघनाथ के शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्छित होकर घायल हुए। इसके लिए लंका से सुषेन वैद्य को बुलाया गया, जिन्होंने लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी को जरूरी बताया। इसके बाद राम भक्त हनुमान ने संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाए। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष गजेंद्र असवाल, संचालक सुनील सजवाण, कमल किशोर नौटियाल, हरिलाल, वीरेंद्र खंडूरी, संजय, मंजू आदि मौजूद थे। संवाद