जाखणीधार ब्लाक के रजाखेत खांड गांव में क्षतिग्रस्त 11 केवी विद्युत लाइन मरम्मत के दौरान करंट लगने से एक मजदूर की मौत हो गई। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने बिना मुआवजा दिए शव उठाने से इनकार कर दिया। हालांकि बाद में ऊर्जा निगम की ओर से मृतक के परिजनों को चार लाख मुआवजा देने का आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए। परिजनों को दो लाख का चेक मौके पर ही दिया गया। ईई ने क्षतिग्रस्त लाइन में करंट दौड़ने की तकनीकी जांच कराने की बात कही है।
रविवार को ऊर्जा निगम के कर्मचारी क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन पर मरम्मत कार्य करवा रहे थे। सुबह करीब 10.30 बजे रजाखेत खांड गांव में पोल पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहे तुनियारगांव निवासी बुद्धि लाल (34) पुत्र एतवारी लाल पर अचानक करंट लग गया। जेई अन्य मजदूरों से पोल के नीचे ही काम करवा रहे थे। इससे पहले वह कुछ समझते पोल पर चढ़े बुद्धि लाल करंट लगने से वहीं चिपक गए। बमुश्किल बुद्धिलाल का शव पोल से नीचे उतारा। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और मृतक के परिजन वहां पहुंच गए। इस बीच ऊर्जा निगम के कर्मचारी वहां से चलते बने। मुआवजा न मिलने तक परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया।
सूचना पर एसडीएम पीआर चौहान, नायाब तहसीलदार वीरेंद्र भट्ट, ऊर्जा निगम के ईई राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। प्रशासन और ऊर्जा निगम के अधिकारियों से परिजनों को विभागीय मानकों के अनुसार चार लाख मुआवजा देेने का आश्वासन दिया, लेकिन परिजन नहीं माने। बाद में ऊर्जा निगम की ओर से दो लाख की धनराशि का चेक मौके पर ही परिजनों को सौंपा गया। शेष दो लाख की धनराशि 20 दिन में देने का भरोसा दिया, जिस पर वे शांत हुए और शव ले गए। ईई राकेश कुमार ने बताया कि लाइन मरम्मत के दौरान शट डाउन ले रखा था, लेकिन एक दूसरा पोल हिलने के कारण लाइन पर करंट आया है। इसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी।