लंबगांव (टिहरी)। सिर से पति का साया छूटने के बाद ओण पट्टी की ग्राम पंचायत भेलुंता की सुषमा विकलांग बेटे के साथ गुजर बसर करने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। प्रशासन के संवेदनहीन होने के कारण सुषमा को इंदिरा आवास, विधवा और विकलांग पेंशन का लाभ तक नहीं मिल पा रहा है।
बीमारी के चलते एक साल पहले सुषमा के पति खीमानंद जोशी की मौत हो गई थी। 2010 की आपदा में अपना पैतृक घर क्षतिग्रस्त हो गया था। वर्तमान में वह गांव के ही ज्ञानचंद्र के घर पर अपने 9 वर्षीय विकलांग बेटे अजय के साथ गुजर बसर कर रही है। दीनगांव और लंबगांव में लगे विकलांग शिविरों में अपना विकलांग प्रमाणपत्र बनवाने भी गई। प्रमाण पत्र न बनने से उसे पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। 42 वर्षीय सुषमा कहती है कि उसे सिर्फ अपने बेटे के लिए एक मकान की दरकार है। सरकार भले ही विधवा और विकलांगाें की मदद का डंका पीटती है। मगर उसकी मदद के लिए अब तक किसी ने हाथ आगे नहीं बढ़ाया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुरलीलाल खंडवाल ने डीएम को ज्ञापन भेजकर सुषमा देवी के परिवार का आर्थिक सर्वेक्षण कर उसे पेंशन और इंदिरा आवास की सुविधा देने की मांग की है।
सुषमा की आर्थिक जांच के बाद प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव स्वीकृत कर जिला मुख्यालय भेजा जाएगा। जल्द से जल्द महिला को आवासीय सुविधा का लाभ दिलाया जाएगा।
-मान सिंह राणा खंड विकास अधिकारी प्रतापनगर