झील का जलस्तर कम होने से टिहरी बांध से 19 घंटे विद्युत उत्पादन ठप रहा। बांध से शनिवार रात 12 बजे तक केवल 2 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन ही हुआ है। जबकि रविवार पूरे दिन बांध से उत्पादन नहीं हुआ है। हालांकि सायं सात से बांध की दो टर्रबाइनों से दो मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन शुरू हो गया है, वह भी केवल पांच घंटे तक ही हो सकेगा।
42 वर्ग किलोमीटर में फैली बांध की झील 19 वर्ग किलोमीटर रह गई है। टीएचडीसी प्रबंधन पानी को स्टोर करने के लिए शनिवार रात 12 बजे से रविवार सायं सात बजे तक बांध की विद्युत उत्पादन नहीं किया है।
बारिश न होने के कारण भागीरथी, भिलंगना नदियों से केवल 80 क्यूमैक्स पानी आने, जलस्तर आरएल 741 मीटर रहने के चलते विद्युत उत्पादन प्रभावित हो गया है। जबकि मैदानी क्षेत्र में बढ़ती गर्मी को देखते हुए नार्दन ग्रिड से छह मिलियन यूनिट की डिमांड आ रही है।
पिछले वर्ष मई में छह मिलियन यूनिट और जलस्तर आरएल 760 मीटर था। जबकि वर्तमान में चारों टर्रबाइन से 2 से 3 मिलियन यूनिट बिजली पैदा हो रही है। झील का जलस्तर न्यूनतम आरएल 740 से कम नहीं किया जा सकता है।
टीएचडीसी प्रबंधक नदियों से आ रहे 80 क्यूमैक्स को छोड़ रहा है। टीएचडीसी के महाप्रबंधक एचएल अरोरा के मुताबिक नदियों से कम पानी आने के कारण जलस्तर कम हुआ है, इससे विद्युत उत्पादन भी घट गया है।