नई टिहरी। आखिरकार चार साल बाद राजीव गांधी साहसिक खेल एकेडमी के संचालन की राह खुल गई है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा के साथ एमओयू होने के बाद साहसिक खेल विभाग संचालन की तैयारियां में जुट गया है। एकेडमी में पहले चरण में वाटर एडवेंचर के करीब एक दर्जन कोर्सों के प्रशिक्षण युवाओं को दिए जाएंगे। इसके लिए नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा से अनुबंध हो चुका है।
सरकार ने 2014 में कोटीकालोनी में करीब 15 करोड़ की लागत से साहसिक खेल एकेडमी का निर्माण करवाया था। एकेडमी में एक ही छत के नीचे वाटर एडवेंचर, एरो एडवेंचर और लैंड एडवेंचर का प्रशिक्षण युवाओं को दिया जाना था, लेकिन निर्माण के चार साल बाद भी एकेडमी के संचालन और संबद्धता को लेकर सरकार निर्णय नहीं कर पाई। अब सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वाटर स्पोर्ट्स गोवा के साथ एकेडमी संचालन का अनुबंध कर दिया है। एनआईडब्ल्यूएस के प्रशिक्षक कोटी में युवाओं को प्रशिक्षण देकर सार्टिफिकेट जारी करेंगे, जबकि साहसिक खेल विभाग युवाओं का चयन समेत अन्य सुविधाएं मुहैया करवाएगा। गोवा से एमओयू होने से उम्मीद जग गई है।
शासन स्तर पर एमओयू हो चुका है। अब एकेडमी के संचालन की तैयारियां की जा रही है। इसके लिए सुविधाएं जुटाई जा रही है। प्रशिक्षण कोर्सों का शुभारंभ किए जाने की प्रक्रिया शासनस्तर पर चल रही है।
-सोबत सिंह राणा, जिला साहसिक खेल अधिकारी टिहरी।