नई टिहरी। लंबे इंतजार के बाद स्वामी रामतीर्थ स्मारक स्थली के संरक्षण की उम्मीद जगी है। कोटी कालोनी में स्थित स्वामी रामतीर्थ के स्मारक स्थल गोलकोठी में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने संस्कृति सचिव को वेदांत आश्रम और संग्रहालय खोलने के निर्देश दिए हैं।
मई 1902 को स्वामी रामतीर्थ के टिहरी रियासत पहुंचने पर तत्कालीन महाराजा कीर्ति शाह ने वेदांत के प्रचार-प्रसार के लिए पुरानी टिहरी में गोलकोठी उन्हें उपहार स्वरूप दी थी। स्वामी रामतीर्थ के जलसमाधि लेने के बाद 1968 में भारत सरकार ने गोलकोठी को स्मारक का स्वरूप दे दिया था। वर्ष 2005 में पुरानी टिहरी झील में डूबने के बाद प्रशासन ने कोटी कालोनी में नया स्मारक स्थल बनाया, लेकिन 2014 में रामतीर्थ स्मारक में आध्यात्मिक गतिविधियां शुरू करने के बजाए पर्यटन विभाग का कार्यालय खोल दिया गया। स्वामी रामतीर्थ आश्रम समिति लंबे समय से स्मारक में वेदांत आश्रम खोलने की मांग कर रही थी। बीते दिन समिति पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर स्वामी रामतीर्थ की अंतिम इच्छानुसार स्मारक में वेदांत आश्रम खोलने के साथ ही संग्रहालय खोलने की मांग की। समिति के सचिव विनोद चमोली ने बताया कि पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने संस्कृति सचिव को वेदांत आश्रम और संग्रहालय खोले जाने के संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए।