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खतराः टिहरी बांध झील का जलस्तर बढ़ा

Tue, 06 Aug 2013 07:27 PM IST
नई टिहरी/ब्यूरो
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लगातार बारिश होने से टिहरी बांध की झील का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इससे हरिद्वार और ऋषिकेश समेत निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
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मंगलवार को जलस्तर आरएल 818.05 मीटर तक पहुंच गया। मानसून का यही रुख रहा तो जल्द ही जलस्तर 825 के लेवल को छू लेगा।

इससे झील के आरएल 835 से ऊपर 950 मीटर तक निवास कर रहे ग्रामीणों की चिंता भी बढ़ने लगी है। क्योंकि झील का जल स्तर बढ़ने पर निकटवर्ती गांवों में भूस्खलन की समस्या बढ़ने लगती है।

लगातार बढ़ रहा जलस्तर
सोमवार को जहां झील का जलस्तर 816.85 मीटर था वहीं मंगलवार को 818.05 मीटर पर पहुंच गया। दोनों नदियों का जलप्रवाह भी लगातार बढ़ रहा है। भागीरथी और भिलंगना नदी से 750 क्यूमेक्स बहाव प्रति मिनट रिकॉर्ड किया गया।
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चार यूनिट चलाकर 1000 मेगावाट विद्युत उत्पादन कर 570 क्यूमेक्स पानी की निकासी की जा रही है। बारिश का यही रुख रहा तो कुछ दिनों में ही जलस्तर 825 मीटर के आंकड़े को छू लेगा।
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खतरे की जद में लोग
2010 में जलस्तर 832 मीटर कर देने से आरएल 950 तक निवास कर रहे लोग खतरे की जद में आ गए थे। हालांकि अभी तक बांध प्रशासन को जलस्तर 825 मीटर से ऊपर भरने की अनुमति नहीं दी गई है।

डीएम नितेश कुमार झा ने मंगलवार को झील के आसपास के गांवों की स्थिति का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विभाग की चेतावनी
डीएम ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए अभी 825 मीटर तक झील का जलस्तर निर्धारित किया गया है।

बांध की झील का जलस्तर स्थिर बनाए रखने के लिए 570 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा। जिससे अभी तक ऋषिकेश व हरिद्वार के लिए कोई खतरा नहीं है।
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