पिथौरागढ़ जिले के अति दुर्गम में स्थित जीआईसी होकरा शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। विद्यालय से एक साथ सात अतिथि शिक्षकों के जाने से विद्यार्थियों का मौलिक अधिकार छिन गया है। इंटर कॉलेज में केवल प्रधानाचार्य और एक शिक्षक तैनात है।
मुनस्यारी तहसील के दूरस्थ विद्यालय जीआईसी होकरा में शिक्षकों की कमी से शिक्षण कार्य चौपट हो गया है। पिछले शिक्षासत्र तक अतिथि शिक्षकों के सहारे चल रहा यह विद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच चुका है। अभिभावक शिक्षक संघ अध्यक्ष राजेंद्र राम का कहना है कि जीआईसी होकरा विद्यालय क्षेत्र का एकमात्र स्कूल है, यहां 10-15 किमी दूर से बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं।
विद्यालय में प्रधानाचार्य और एलटी गणित शिक्षक ही तैनात हैं, जिस कारण विद्यार्थियों को हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, भूगोल जैसे मुख्य विषयों का ज्ञान नहीं मिल पा रहा है। विद्यालय में तैनात प्रधानाचार्य और एकलौते अध्यापक दिनभर बच्चों को नियंत्रण करने में ही रह जाते हैं।
प्रधानाचार्य अनिरुद्ध मिश्र का कहना है कि विद्यालय में 251 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पांच कक्षाओं के विद्यार्थियों को नियंत्रण करना मुश्किल हो जाता है। कब कौन सी कक्षा के बच्चों को पढ़ाया जाए और कौन सा विषय पढ़ाया जाए उनके सामने भी दिक्कत हो रही है। ग्राम प्रधान सुंदर सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर शिक्षण व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शिक्षकों की व्यवस्था की मांग की है।