फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सियासत की पिच पर स्टिंग की गुगली और फंस गए 'सरकार'

Sun, 27 Mar 2016 04:02 AM IST
अरुणेश पठानिया/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सीएम का स्टिंग सियासी घमासान में लेकर आया नया भूचाल।
  • इसके पहले दो और स्टिंग हो चुके हैं कार्यकाल में।
  • सियासत के खिलाड़ी को भारी पड़ेगा स्टिंग।
विज्ञापन
हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार की विश्वसनीयता को एक बार फिर स्टिंग ने संकट खड़ा कर दिया है। पहले भी स्टिंग का दंश झेल चुकी सरकार अब से पहले हुए ऐसे प्रकरणों से पैदा सियासी उफान को हल्के में ले गई। हरीश रावत सरकार में आबकारी सचिव के स्टिंग के बाद बसपा विधायक के एक विधायक का स्टिंग हुआ।
विज्ञापन


अब सियासी घमासान के बीच आए स्टिंग ने हरीश रावत के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। हार्स ट्रेडिंग का जो आरोप कांग्रेस जिस भाजपा पर चिपका रही थी वह अब स्टिंग के बाद कांग्रेस के हाथ पर चस्पा हो गया।

स्टिंग ने सियासी तूफान को एक हद तक बागियों के पक्ष में लाकर खड़ा कर दिया है। हैरानी यह भी है कि हरीश रावत खुद जिस स्टिंग का शिकार हुए वह भी इसी मीडिया हाउस से जुड़े लोगों का था जिन्होंने कांग्रेस सरकार में पहले दो बार सरकार स्टिंग किया है।
विज्ञापन

दो बार में सबक नहीं सीखना पड़ेगा रावत पर भारी

हरीश रावत - फोटो : file photo
प्रदेश में बागियों की खरीद फरोख्त को लेकर सीएम हरीश रावत के साथ बातचीत का स्टिंग मचे सियासी घमासान में नया भूचाल लेकर आया है। स्टिंग में जिस तरह से सीएम हरीश रावत बातचीत कर रहे हैं उससे साफ हो रहा है कि वह कथित डील को किसी भी तरह से रिकॉर्ड किये जाने से अनजान थे।

यह तब है जब उनकी सरकार कुछ माह पहले आबकारी नीति को लेकर आईएएस अफसर मोहम्मद शाहिद के स्टिंग के चलते घिर गई थी। आबकारी स्टिंग अभी तक सदन में गूंजता है और चुनावी मुद्दा बन चुका है। ऐसे में सरकार ने उससे सबक लेकर सचेत होने के बजाए सीडी कांड से बड़ी गलती कर दी।

प्रसारित हो रहे स्टिंग में सीएम हरीश रावत बागी विधायकों की खरीद फरोख्त को लेकर बातचीत करते दिख रहे हैं। इससे हार्स ट्रेडिंग का जो आरोप अब भाजपा पर लग रहा था वह दांव उलटा कांग्रेस पर पड़ा है।

जान कर भी फंस गए हरदा

हरीश रावत ने केंद्र सरकार पर उत्तराखंड को कम बजट देने का आरोप लगाया है।
स्टिंग टीवी न्यूज चैनलों पर प्रसारित होने के बाद सीएम ने तुरंत पत्रकार वार्ता बुलाकर उसका खंडन कर दिया। उन्होंने यह तक कहा कि जिस पत्रकार ने यह स्टिंग किया है उसकी हकीकत से सब वाकिफ हैं। ऐसा बोल सीएम ने यह तो साफ किया कि वह पत्रकार को जानते थे, लेकिन पत्रकार का बयान ठीक इससे विपरीत है। उनकी माने तो सीएम उनसे मिलने खुद जौलीग्रांट गए थे। जहां इस स्टिंग की शूटिंग हुई।

सरकार गिराने में विधायक भी घिरे थे
मौजूदा कांग्रेस सरकार के खिलाफ यह तीसरा स्टिंग है, जिसकी शुरूआत सरकार में हिस्सेदार बसपा पार्टी के एक विधायक सरबत करीम अंसारी को दिखाया गया था। स्टिंग करने वाले इसी मीडिया हाउस का आरोप था कि विधायक सरकार गिराने के लिए पैसे ले रहे हैं, जबकि विधायक ने अपनी सफाई में इस बात से इनकार किया। यह मामला लंबे समय तक सदन में गूंजा।
विज्ञापन

आगे भी स्टिंग बढ़ाएगा कांग्रेस की दिक्कतें

हरीश रावत - फोटो : file photo
सीएम हरीश रावत जिस स्टिंग आपरेशन में हार्स ट्रेडिंग जैसे विषय पर बातचीत करते दिख रहे हैं वह 28 मार्च के संकट से अधिक भविष्य में भी कांग्रेस का पीछा नहीं छोड़ेगा।

अब तक आबकारी सचिव सीडी कांड का मामला कांग्रेस सरकार की किरकिरी करता रहा, लेकिन इस स्टिंग में सीएम के होने से यह मामला भाजपा के लिए आगामी चुनाव में प्रचार का मुद्दा रहेगा, जिसे भाजपा ने अभी से भुनाना शुरू कर दिया है।

अगर स्टिंग की सत्यता प्रमाणित होती है तो यह भाजपा के लिए रामबाण साबित होगा। अब तक मुद्दा विहीन और कमजोर विपक्ष का आरोप झेल रही भाजपा इस मुद्दे को कांग्रेस के खिलाफ सबसे बड़े हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें