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सरकारी पैसों से कर दिया अधिकारी ने ‘शनि दान’ 

Thu, 07 Apr 2016 09:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी पर घोटाला करने का आरोप
  • अनुसूचित जाति-जनजाति उपयोजना के पैसे में किया गोलमाल
  • निजी शनि मंदिर के लिए इस पैसे से बनवाया गेस्ट हाउस 
  • नियमविरुद्ध संस्थाओं, ट्रस्ट को भी बांटा रुपया
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छात्रवृत्ति घोटाला
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विस्तार
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तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी एनके शर्मा के खिलाफ एक और मामले का खुलासा हुआ है, जिसमें उन्होंने अनुसूचित जाति-जनजाति उपयोजना का पैसा स्कूल चलाने वाली स्वैच्छिक संस्थाओं और ट्रस्ट को दे दिया। जबकि शर्तो के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसे पहले जमीन विभाग के नाम करानी होती है। 
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इतना ही नहीं इस फंड से अपने निजी तौर पर बनाए गए शनि मंदिर के लिए गेस्ट हाउस भी बनवा दिया। आरटीआई में नारी निकेतन में हुए घोटाले के बाद तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी पर यह दूसरा घोटला खुला है। अनुसूचित जाति और जनजाति अवस्थापना फंड का 34.39 लाख रुपये का घोटाला भी सामने आया है। 

विद्यालय, ट्रस्ट सभी को दे दी अलग-अलग धनराशि
इन पैसों के लिए तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी एनके शर्मा ने डीएम और सीडीओ की कमेटी से अनुमति नहीं ली। इसके साथ ही शासनादेश का पालन भी नहीं किया गया। शासनादेश के अनुसार जब भी अवस्थापना फंड का पैसा अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए खर्च करना हो तो पहले संबंधित प्रॉपर्टी को विभाग के नाम करना होता है। 
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एनके शर्मा ने विद्यालय, ट्रस्ट सभी को अलग-अलग धनराशि दे दी लेकिन यह प्रॉपर्टी विभाग के नाम नहीं कराई। इतना ही नहीं अवस्थापना फंड का पैसा निजी तौर पर बनाए गए मंदिर के गेस्ट हाउस के लिए खर्च कर दिया। 
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RTI में हुआ खुलासा, पैसों का किया गया गोलमाल

शीघ्र ही बच्चों के बैंक खाते में आरटीजीएस से स्कॉलरशिप की राशि जमा होगी।
इन 34.39 लाख रुपये के कार्यों को लेकर आरटीआई लगाई गई। इसके बाद यह घपला सामने आया। इस तरह से सीधे स्वैच्छिक संस्था को पैसा दे देना, इससे साफ नजर आ रहा है कि पैसों का गोलमाल किया गया है। 
एसके सिंह, आरटीआई एक्टिविस्

सभी कार्यो को लेकर अपर मुख्य सचिव एस राजू से शिकायत की गई है। भला कैसे अवस्थापना फंड के पैसों को अपने गेस्ट हाउस में लगाया जा सकता है। यह तो सीधे घोटाला है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। 
-अनिल प्रसाद सिलस्वाल, ग्राम डांडी

मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। हो सकता है कि मेरे से पहले वाले डाइरेक्टर के संज्ञान में मामला रहा हो, बात जो भी पता की जाएगी। गड़बड़ियां होंगी तो जांच अवश्य होगी। 
-विष्णु धनिक, डाइरेक्टर, समाज कल्याण

यहां लगाया फर्जी तरीके से पैसा
अनुसूचित जनजाति उपयोजना

विकासखंड           योजना का नाम                        स्वीकृत धनराशि
डोईवाला           राष्ट्रीय बाल विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष           (लाख)
                       एवं बरामदा                            4.96
विकासनगर        मेंदनीपुर बद्रीपुर में इंदिरा राष्ट्रीय बाल 
                       विद्यालय का अतिरिक्त कक्ष एवं बरामदा            4.15
विकासनगर        आदूवाला में इंदिरा राष्ट्रीय बाल विद्यालय का 
                        अतिरिक्त कक्ष एवं बरामदा निर्माण                4.15
डोईवाला             इंदिरा राष्ट्रीय चेतना जनजाति बोक्सा विद्यालय
                          में बरामदा एवं अतिरिक्त कक्षों का निर्माण           4.96
रायपुर                 बुद्धा एजुकेशन ट्रस्ट बुद्ध विहार नालापानी
                           रोड सामुदायिक मिलन केंद्र एवं सुरक्षा दीवार        16.17

                                            कुल धनराशि                                34.39  लाख 
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