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Rudraprayag News: लकड़ियां बीनने गईं महिलाएं मंदाकिनी की उफनती जलधारा में फंसीं

Tue, 28 Jul 2026 05:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
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लकड़ियां बीनने गईं महिलाएं मंदाकिनी की उफनती जलधारा में फंसीं
अगस्त्यमुनि/तिलवाड़ा। बारिश के कारण तिलवाड़ा में लकड़ियां बीनने गईं तीन महिलाएं मंदाकिनी की उफनती जलधारा में फंस गईं। मौके पर पहुंचीं आपदा प्रबंधन व एसडीआरएफ टीमों ने महिलाओं को सुरक्षित निकाला।
मंगलवार को महिलाएं नदी में आ रही लकड़ियां बीनने गई थीं। इसी बीच नदी का जलस्तर बढ़ गया और वे किनारे स्थित टापू पर फंस गईं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मंगलवार को पूर्वाह्न 11 बजे आपदा कंट्रोल रूम को तीन महिलाओं के नदी में फंसने की सूचना मिली थी। सूचना पर डीडीआरएफ व एसडीआरएफ अपर उपनिरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और तीनों महिलाओं रवीना देवी (25), गीता देवी (36) और पिंकी देवी (40) निवासी तिलवाड़ा को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला। स्थानीय नरेश रतूड़ी ने बताया कि क्षेत्र की महिलाएं रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नदी किनारे बहकर आने वाली लकड़ियां एकत्र करने जाती हैं। संवाद
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चेतावनी स्तर से ऊपर बही अलकनंदा-मंदाकिनी
कोटेश्वर गुफा तक पहुंचा अलकनंदा नदी का पानी
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रुद्रप्रयाग। जिले में सोमवार से हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर बह रहा है। वहीं जिला मुख्यालय स्थित कोटेश्वर महादेव गुफा मंदिर तक अलकनंदा का पानी पहुंच गया।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंगलवार सुबह सात बजे अलकनंदा का जलस्तर 626.60 मीटर दर्ज किया गया जबकि इसका चेतावनी स्तर 626.00 मीटर और खतरे का निशान 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 625.55 मीटर रहा जो 625.00 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। वहीं ऊखीमठ क्षेत्र में 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जखोली में 58 मिमी और रुद्रप्रयाग में 12 मिमी बारिश दर्ज हुई। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर पालिका और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर से लोगों से नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की गई। संवाद


प्राथमिक विद्यालय में घुसा मलबा, संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त
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फाटा। कालीमठ क्षेत्रांतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यांसुगढ़ में सोमवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने नुकसान हुआ। विद्यालय परिसर के पीछे स्थित सुरक्षा दीवार ध्वस्त होने से मलबा कक्षा-कक्षों में घुस गया जिससे विद्यालय भवन को क्षति पहुंची है।
ग्राम प्रधान कुंवर सिंह रावत ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने वाला करीब 200 मीटर पैदल संपर्क मार्ग भी कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा विद्यालय की छत, टीन शेड तथा एक अन्य कक्ष को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि घटना की की जानकारी एसडीएम ऊखीमठ व विभागीय अधिकारियों को दी है। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन का शीघ्र निरीक्षण कर क्षति का आकलन करने, संपर्क मार्ग को दुरुस्त कराने तथा मरम्मत एवं सुरक्षा कार्य शुरू कराने की मांग की।

लस्तर नदी का रुख बदला, कृषि भूमि बही, मछलियां मरीं
10 परिवारों के आंगनों में घुसा मलबा, रसोई बही
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संवाद न्यूज एजेंसी
जखोली। बारिश के कारण पश्चिमी बांगर क्षेत्र में नुकसान हुआ है। धारकुड़ी गांव में लस्तर नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से नदी का रुख बदला और ग्रामीणों की उपजाऊ कृषि भूमि बह गई। गांव की गोशाला और ग्रामीण कमल सिंह के मत्स्य पालन के तालाबों में मलबा व गाद भरने से मछलियां मर गईं। ग्राम प्रधान स्नेहा पंवार ने बताया कि पूर्व में भी ऐसी आपदा आई थी, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा दीवार नहीं बनाई। अब फिर से यह नुकसान हुआ है। सूचना पर पहुंचे राजस्व उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह ने क्षति का आकलन शुरू कर दिया है।
वहीं ग्राम पंचायत पौंठी सिलगढ़ के हिऊना तोक में गांव के ऊपर से आया मलबा 10 परिवारों के आंगनों में जा घुसा जबकि रमेश प्रसाद थपलियाल की रसोई बह गई। इस घटना से कई मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। ग्राम प्रधान रमेश सिंह कंडारी ने प्रशासन से शीघ्र मलबा हटाने, पैदल मार्ग को दुरुस्त करने और सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की। कानूनगो दुर्गा सिंह रावत ने बताया कि नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। उधर लिस्वाल्टा गांव में बीते सप्ताह से सक्रिय भूस्खलन के कारण तीन परिवार खतरे में है। ग्राम प्रधान परिबंदा देवी ने बताया कि बिपिन सिंह व भगवान सिंह के मकान व आशा देवी की गोशाला किसी भी समय भूस्खलन की जद में आ सकती है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द राहत व सुरक्षा उपाय लागू करने की गुहार लगाई।
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गुप्तकाशी : चार दुकानों को भारी नुकसान
गुप्तकाशी। दो दिनों से हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर मलबा आने से सड़कें बंद होती रहीं। वहीं रात डेढ़ बजे गुप्तकाशी लोनिवि निरीक्षण भवन के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क के ऊपर से आये मलबे से चार दुकानों को भारी नुकसान हुआ है। चंद्रप्रकाश गोस्वामी, ओमप्रकाश गोस्वामी, केशव बहुगुणा के प्रतिष्ठानों को क्षति हुई वहीं विपिन असवाल के रेस्टोरेंट में भी मलबा घुस गया। गुप्तकाशी राजस्व उपनिरीक्षक कीर्तिसिंह राणा ने बताया कि मौका मुआयना किया गया है। मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष विश्वेश्वरी देवी, सभासद गौरव रावत, व्यापार संघ अध्यक्ष चुन्नीलाल शर्मा ने पीड़ितों को समुचित सहायता की बात रखी। संवाद
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