स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में 193 ग्राम पंचायतों में 14 करोड़ की धनराशि से ठोस, तरल एवं अपशिष्ट प्रबंधन के तहत जैविक व अजैविक कूड़ादान के साथ ही कंपोस्ट पिट और नालियां बनाई जा रही हैं। स्वजल परियोजना के तहत हो रहे कार्यों की अधिकारियों द्वारा मॉनीटरिंग की जा रही है।
ग्राम पेयजल स्वच्छता समिति के माध्यम से गांवों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों के लिए स्वजल परियोजना से बजट मुहैया कराया जा रहा है। भारत सरकार की नई गाइडलाइन के हिसाब से गांव में प्रति व्यक्ति पर 340 रुपये के हिसाब से बजट आवंटित किया जा रहा है। जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों के निरीक्षण के साथ ही समय-समय पर राज्य व केंद्र सरकार की टीमें भी गांवों में हो रहे कार्यों का निरीक्षण कर रही हैं। जिले में चिहिृृत 193 गांवों में से 80 में ठोस, तरल एवं अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य पूरे हो चुके हैं। वर्ष 2017 में जिले को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। अब, दूसरे चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस तरल एवं अपशिष्ट प्रबंधन के तहत निर्माण कार्य जोरों पर चल रहे हैं। स्वजल परियोजना निदेशक एमएस नेगी ने बताया कि पहले चरण में 193 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू किए गए थे, जिसमें 80 में पूरे हो चुके हैं। अन्य ग्राम पंचायतों में ज्यादातर कार्य पूरे होने वाले हैं।