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Rudraprayag News: केदारघाटी में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा भी नहीं

Tue, 24 Sep 2024 07:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
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बुखार की दवा के लिए भी ग्रामीणों को लगानी पड़ती है छह से आठ किमी की दौड़
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गुप्तकाशी। केदारघाटी को प्राथमिक स्वास्थ्य तक आजतक नसीब नहीं हो पाई है। आज भी बुखार की दवा के लिए लोगों को छह से आठ किमी की दौड़ लगानी पड़ती है।
केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र का सबसे संवेदनशील हिस्सा है केदारघाटी जो मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। गौंडार, तोषी, चिलौंड, चौमासी, जाल मल्ला, तल्ला, तुलंगा सहित कई गांवों के ग्रामीणों को बुखार की दवा के लिए छह से आठ किमी की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। सड़क से वंचित गौंडार, तोषी व चिलौंड के ग्रामीणों को बीमार, घायल और गर्भवती को डंडी के सहारे घने जंगल के बीच से होकर सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है।
केदारघाटी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ है, जो रेफर सेंटर बना हुआ है। यहां सीएचसी स्तर का भवन तो है, लेकिन चिकित्सकीय प्राथमिक स्तर की भी नहीं हैं। अस्पताल तक एंबुलेंस जाने तक के लिए भी सड़क नहीं है, जिससे दो से तीन सौ मीटर पहले स्ट्रेचर से ही मरीज को अस्पताल पहुंचना पड़ता है।
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केदारनाथ आपदा के बाद राहत व बचाव केंद्र के रूप में उपयोग किए गए एलोपैथिक चिकित्सालय का उच्चीकरण की कई बार की घोषणाएं हुई, लेकिन समस्या आजतक हल नहीं हुई। उधर, फाटा, सोनप्रयाग, गौरीकुंड में चिकित्सा सुविधाएं यात्राकाल तक सीमित रहती हैं। शेष अन्य समय पर यहां से मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है। कांग्रेस के मनरेगा प्रकोष्ठ के आलोक बगवाड़ी का कहना है कि आपदा की दृष्टि से केदारघाटी संवेदनशील है, बावजूद समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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