केदारघाटी के मैखंडा और शेरसी गांव के ग्रामीणों का तेज बारिश में भी राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड, लोनिवि व कार्यदायी संस्था के खिलाफ क्रमिक धरना 21वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने कहा कि जब तक घटिया निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कर सुधार व प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ऑलवेदर रोड परियोजना में निर्माणाधीन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच किए गए कार्य को लेकर ग्रामीण आंदोलनरत हैं। उनका कहना है कि एनएच व कार्यदायी संस्था की ओर से ग्राम व वन पंचायत की सहमति के बिना वन भूमि में पेड़ों का कटान कर परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया है। गांव की पेयजल योजना, पैदल मार्ग समेत अन्य संपत्तियों को क्षतिग्रस्त कर छोड़ दिया गया है, जो ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। उन्होंने एनएच से प्रभावितों को वर्तमान सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देने और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत की मांग की है। इस मौके पर पूर्व जिपं सदस्य राजराम सेमवाल, विक्रम लाल, रमेश लाल, बीरेंद्र सिंह, कुंवर लाल, बृजमोहन, दरवान सिंह, देवेश भट्ट, अमन भट्ट मौजूद थे।