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कोरोना मृत्यु प्रमाण पत्र के लगाने पड़ रहे चक्कर

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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में रुद्रप्रयाग जिले में अपनों को खो चुके कई प्रभावित परिवारों को मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए खासी दिक्कतें झेलनी पड़ी। रुद्रप्रयाग से बेस अस्पताल श्रीनगर के कई चक्कर लगाने के चार से छह माह बाद प्रमाण पत्र नसीब हो पाए। वहीं, अन्य सरकारी मदद के लिए भी प्रभावितों को विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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बीते वर्ष अप्रैल से जून तक जनपद में लगभग एक हजार लोग संक्रमित हुए। इस दौरान 94 लोगों की संक्रमण से मौत भी हो गई थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्रभावित तीमारदारों को खासा परेशान किया गया। जिला मुख्यालय से लगे पुनाड़ निवासी एसएन सेमवाल व उनके छोटे भाई जयप्रकाश सेमवाल की संक्रमण से मौत हो गई थी, लेकिन बेस अस्पताल श्रीनगर द्वारा उनका मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा है, जबकि रुद्रप्रयाग से उन्हें संक्रमण की संभावना के चलते रेफर किया गया था। विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बाद चार माह बाद प्रमाणपत्र बन पाए। वहीं, अगस्त्यमुनि के कैलाश गोस्वामी के पिता की कोविड-19 से बीते वर्ष मौत हो गई थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने छह माह बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया। इधर, सीएमओ डा. बीके शुक्ला ने बताया कि जिले में कोरोना से अभी तक 105 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें दूसरी लहर में 94 मौतें शामिल हैं। जिला स्तर पर 32 संक्रमितों की मौत हुई थी, जिनके परिजनों को उनके मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए हैं।
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