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बरसाती गदेरा उफान आया, कणसिल, पिंगलापानी में भारी नुकसान

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अगस्त्यमुनि ब्लॉक के कणसिल-पिंगलापानी में मान गदरे के ऊफान से ग्रामीणों की खेत मलबे से हुए नष्ट। - फोटो : RUDRAPRYAG
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बृहस्पतिवार देर रात्रि को हुई मूसलाधार बारिश और अतिवृष्टि से अगस्त्यमुनि विकासखंड के क्यूंजा घाटी के कणसिल, पिंगलापानी गांव में बरसाती गदेरा उफान पर आ गया, जिससे व्यापक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों की तीन सौ नाली कृषि भूमि मलबे की भेंट चढ़ गई है। जबकि सिंचाई नहर, पैदल रास्ता और पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है।
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मूसलाधार बारिश से क्यूंजा घाटी का ग्राम पंचायत कणसिल-पिंगलापानी के गांव के समीप बह रहे मान गदेरा के ऊपर अतिवृष्टि हुई, जिससे जलस्तर बढ़ गया। स्थिति यह रही कि तेज आवाज के बहते पानी के बहाव से बांसवाड़ा-मोहनखाल मोटर मार्ग काफी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं, क्यूंजा-कंडारा पेयजल लाइन के साथ ही पिंगलापानी का प्राकृतिक स्रोत भी मलबे की भेंट चढ़ गया है। गांव का पैदल रास्ता, पुल और महिला स्नानघर भी पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। अतिवृष्टि के कारण पिंगलापानी गांव निवासी दिनेश लाल व विनोद लाल के शौचालय व गौशाला ध्वस्त हो गई। साथ ही सतपाल कुमार के आवासीय मकान के आंगन का पुश्ता टूट गया। गदेरे के उफान से उपजा भारी मलबा ग्रामीणों की सिंचित खेती में जा घुसा है, जिससे तीन सौ नाली भूमि पर रोपी गई धान की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है। प्रधान अंजू देवी व पूर्व प्रधान रघुवीर लाल ने बताया कि रात के अंधेरे में गदेरे के ऊपर तरफ हुई अतिवृष्टि से नुकसान हुआ है। गदेरे के दोनों तरफ बनी सुरक्षा दीवारें भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। शुक्रवार को तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला ने गांव पहुंचकर पिंगलापानी में हुए नुकसान का जायजा लिया।
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