तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ शनिवार को दोपहर 12 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इस मौके पर 400 से अधिक श्रद्धालुओं ने आराध्य के दर्शन कर आशीर्वाद मांगा। बाबा तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थ मार्कण्डेय मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान करते हुए पहले पड़ाव भूतनाथ मंदिर चोपता पहुंच गई है। रविवार को डोली भनकुन में रात्रि प्रवास करेगी। जबकि 1 नवंबर को शीतकालीन गद्दीस्थल में विराजमान होगी।
शनिवार को तृतीय केदार में सुबह 9 बजे से मक्कूमठ के पंच पुजारियों प्रकाश मैठाणी, अतुल मैठाणी, मुकेश मैठाणी, विनोद मैठाणी, केशवलानंद मैठाणी एवं अखिलेश मैठाणी द्वारा गर्भगृह में भगवान तुंगनाथ की भोगमूर्तियों की पूजा-अर्चना शुरू की गई। तीन घंटे तक सभी धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया गया। इस मौके पर भोग मूर्तियों को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान कर भव्य शृंगार करते हुए स्वयंभू लिंग को पुष्प, भष्म एवं पूजन सामग्री से समाधि रूप दिया गया। इसके बाद भगवान तुंगनाथ के कलसिर, हुड्डू एवं अखोड़ी के जमाणियों (डोली को कांधे पर ले जाने वाले भक्त) ने डोली का विशेष शृंगार किया। भगवान तुंगनाथ की डोली ने मुख्य मंदिर एवं अधीनस्थ मंदिरों की परिक्रमा कर अपने भंडार गृह एवं ताम्रपात्रों का जायजा लेते हुए भक्तों को सुख-समृद्धि का अशीर्वाद देकर अपने शीतकालीन गद्दीस्थल मार्कण्डेय मंदिर मक्कूमठ के लिए प्रस्थान किया।
इस असवर पर पूरा मंदिर क्षेत्र बाबा के जयकारों से गूंज उठा। भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली बुग्यालों से होते हुए दोपहर बाद ढाई बजे भूतनाथ मंदिर चोपता पहुंची। इस मौके पर मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी, विशेष कार्यधिकारी राकेश सेमवाल, वरिष्ठ प्रशासनिक राजकुमार नौटियाल, डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, प्रबंधक बलवीर नेगी, पुष्कर सिंह रावत, देवानंद गैरोला, मगनानंद भट्ट, भगवती प्रसाद सेमवाल, बुद्धि बल्लभ सेमवाल, राजस्व उप निरीक्षक सतीश भट्ट आदि थे।
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5486 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
ऊखीमठ। डेढ़ माह की यात्रा में इस बार तृतीय केदार के दर्शनों के लिए 5486 श्रद्धालु पहुंचे। कोरोना के बीच 17 मई को तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट खोले गए थे। चार माह तक धाम में एक भी श्रद्धालु नहीं पहुंचा। 18 सितंबर को यात्रा शुरू होने के बाद माह के आखिर तक 1200 श्रद्धालुओं ने बाबा तुंगनाथ के दर्शन किए। जबकि अक्तूबर में 4286 श्रद्धालु पहुंचे। तृतीय केदार की यात्रा में यह नया रिकार्ड है कि एक माह में इतनी संख्या में यात्री पहुंचे हैं। मंदिर के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि 1 से 30 अक्तूबर तक प्रतिदिन भक्तों का हुजूम उमड़ा। मंदिर के मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी ने देवस्थानम बोर्ड और सरकार से तृतीय केदार में सुविधाओं को बढ़ाने की मंाग की है।