द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के क्षेत्रपाल भैरवनाथ के कपाट बीते शनिवार को विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं, जबकि धाम के कपाट आगामी 21 नवंबर को बंद होंगे। इसके बाद बाबा की चल विग्रह डोली छह माह की शीतकालीन पूजा अर्चना के लिए पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो जाएगी।
बीकेटीसी के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी ने बताया कि तीर्थ पुरोहितों ने धौला क्षेत्रपाल मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के साथ भगवान भैरवनाथ की पूजा अर्चना की। इसके बाद मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए। वहीं, द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट 21 नवंबर को सुबह 8 बजे शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसी दिन बाबा की चल विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल के लिए प्रस्थान करते हुए पहले पड़ाव पर गौंडार गांव पहुंचेगी। ब्यूरो