केदारनाथ मंदिर और केदारपुरी की सुरक्षा के लिए बनाई गई त्रिस्तरीय सुरक्षा दीवारों में तीसरी आरसीसी दीवार तीर्थाटन से जोड़ा जाएगा। लगभग पांच सौ मीटर लंबी इस दीवार पर देवी-देवताओं की भव्य मूर्तियों को उकेरा जाएगा, जो धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का मुख्य आकर्षण बनेंगी। शासन, प्रशासन द्वारा जल्द कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
केंद्रीय संस्कृति एवं संग्रहालय सचिव राघवेंद्र सिंह ने बीते रविवार को उत्तराखंड के मुख्य सचिव उत्पल कुमार व अन्य अधिकारियों के साथ केदारनाथ धाम में पुनर्निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर के पीछे आदिगुरु शंकराचार्य के समाधि स्थल का पुनर्निर्माण को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि यह निर्माण काफी महत्वपूर्ण है, लिहाजा इसमें धर्म, संस्कृति और सभ्यता का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए। उन्होंने केदारनाथ मंदिर और केदारपुरी की सुरक्षा के लिए बनाई गई त्रिस्तरीय सुरक्षा दीवार (गेबिन वॉल, रॉकनेट वॉल और आरसीसी वॉल) का स्थलीय निरीक्षण किया। कहा कि मंदिर से लगभग ढाई सौ मीटर पीछे बनी आरसीसी दीवार पर देवी-देवताओं की मूर्तियां उकेर कर इसे भव्य रूप दिया जा सकता है। मुख्य सचिव ने डीडीएमए को मंदाकिनी नदी किनारे और केदारपुरी की शेष भूमि के टोपोग्राफिक सर्वेक्षण के निर्देश भी दिए। इस दौरान पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर व डीएम मंगेश घिल्डियाल भी मौजूद थे।