गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ सफाई के कार्य में जुटे हुए डीडीएमए के मजदूर।
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गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बर्फ की सफाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि के 154 मजदूरों की ओर से दो सप्ताह में रामबाड़ा से लिनचोली तक बर्फ को काटकर छह किमी रास्ता तैयार कर दिया गया है। माह के आखिर तक केदारनाथ तक आवाजाही की उम्मीद है। बता दें कि आगामी छह मई को भगवान केदारनाथ की यात्रा शुरू होनी है।
शीतकाल में भारी बर्फबारी के कारण गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर नौ किमी क्षेत्र में 6 से 8 फीट तक बर्फ जमा है। साथ ही यहां आठ स्थानों पर विशालकाय हिमखंड भी पसरे हुए हैं, जो निरंतर टूट रहे हैं। वहीं, डीडीएमए (जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि) के 154 मजदूर बीते एक मार्च से पैदल मार्ग बर्फ हटाने का काम कर रहे हैं। अभी तक रामबाड़ा से लिनचोली तक लगभग छह किमी रास्ते पर जमा बर्फ को बीच से काटकर आवाजाही के लिए चार फीट रास्ता बना दिया गया है। इधर, डीडीएमए के ईई प्रवीण कर्णप्रवाल ने बताया कि मौसम ने साथ दिया तो इस माह के आखिर तक केदारनाथ तक आवाजाही के लिए रास्ता खोल दिया जाएगा। हिमखंडों के टूटने से कुछ स्थानों पर खतरा बना है, लेकिन यहां पर सुरक्षा के लिए बर्फ को खेतनुमा काटा जा रहा है, जिससे पहाड़ी से गिरी बर्फ सीधे रास्ते तक नहीं पहुंच सके।
एक अप्रैल से होंगे पुनर्निर्माण कार्य शुरू
केदारनाथ तक पहुंच होने के बाद आगामी एक अप्रैल से वहां पुनर्निर्माण कार्य शुरू हो जाएंगे। धाम में पुनर्निर्माण के दूसरे चरण के कार्य हो रहे थे, जो 25 से 30 फीसदी तक हो चुके हैं, लेकिन बीते वर्ष दिसंबर से इस माह के पहले सप्ताह तक हुई भारी बर्फबारी से सभी निर्माण कार्य बंद पड़े हुए हैं। संवाद