जनपद में चीड़ के पत्तियों (पिरूल) से 15 मेगावाट बिजली उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए उरेडा दो प्रोजेक्ट निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर रहा है। प्रोजेक्ट निर्माण के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) से वित्तीय सहयोग लिया जाएगा।
उरेडा के परियोजना अधिकारी संदीप कुमार सैनी ने बताया कि जिले में 17083 वन क्षेत्र है, जिसमें 15072 आरक्षित और 2011 हेक्टेयर वन पंचायत के अधीन है। वन क्षेत्रों में 64063 मिट्रिक टन पिरूल उपलब्ध है, जिससे 15 मेगावाट विद्युत उत्पादन की संभावना है। इस विद्युत उत्पादन के लिए दो प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं, जिसके लिए भूमि चयन की कार्रवाई चल रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि पिरूल से बिजली उत्पादन से जहां वनाग्नि की घटना कम से कम होगी। बैठक में ग्राम्य विकास के परियोजना निदेशक रमेश चंद्र, डिप्टी रेंजर सीपी चौकियाल आदि मौजूद थे।