केंद्र सरकार ऑलवेदर रोड परियोजना में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच हुए घटिया निर्माण कार्य के विरोध में शेरसी व मैखंडा के ग्रामीणों का क्रमिक धरना 63वें दिन भी जारी रहा। उन्होंने दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलनरत रहने का संकल्प भी लिया।
अखिल भारतीय किसान सभा फाटा मंडल के बैनर तले ग्रामीण दो माह से आंदोलन कर रहे हैं। ऑलवेदर रोड परियोजना में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड व कार्यदायी संस्था की ओर से मानकों की अनदेखी की गई है। रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच 30 किमी क्षेत्र में बेतरतीब कटिंग की गई है जिससे कुछ स्थानों पर सड़क की चौड़ाई 5 मीटर तो कुछ स्थानों पर 9 मीटर की गई है। निकास नाली का निर्माण नहीं होने से बरसाती पानी जगह-जगह जमा होने से खतरा है। वहीं, डंपिंग जोन में क्षमता से अधिक मलबा उडे़ला जा रहा है, जो कभी भी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकता है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री से लेकर सीएम और एनएच के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं हो पाई है। इस मौके पर पूर्व जिपं सदस्य राजाराम सेमवाल, सुमित अग्रवाल, प्रेम लाल अग्रवाल, बीरेंद्र लाल, जयपाल, हर्ष प्रकाश, विक्रम लाल आदि मौजूद थे।
भूस्खलन से ढहने के कगार पर आवासीय मकान
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के चौड़ीकरण से ब्यूंग-फाटा के पास एक आवासीय मकान ढहने के कगार पर पहुंच गया है। कार्यदायी संस्था की ओर से ऊपरी तरफ की गई कटिंग से स्थानीय निवासी पीतांबर दत्त उनियाल व राम प्रसाद उनियाल का मकान खतरे की जद में आ गया है। प्रभावितों की गोशाला, शौचालय व कुछ खेत पहले ही ध्वस्त हो चुके हैं लेकिन एनएच की ओर से अब तक सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए हैं।