कालीमठ घाटी में आपदा के आठ वर्ष बाद रूच्छ महादेव को जोड़ने के लिए बना पुल।
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केदारनाथ आपदा के आठ वर्ष बाद कालीमठ घाटी में आदि गया के नाम से प्रसिद्ध रूच्छ महादेव मंदिर पुल से जुड़ गया है। सावन माह में प्रतिदिन यहां श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ग्राम पंचायत चौमासी के ग्राम प्रधान ने सामाजिक संस्था हेस्को के माध्यम से पुल का निर्माण कराया है।
बीते मार्च महीने में कोटमा गांव के समीप आदि गया रूच्छ महादेव को जोड़ने के लिए काली नदी पर स्टील पुल का निर्माण शुरू किया गया। 18 मीटर लंबा व सवा मीटर चौड़ा लोहे के गार्डर का पुल सवा चार माह में बनकर तैयार हो गया है। इससे कालीमठ घाटी के श्रद्धालुओं की रूच्छ महादेव तक सीधी पहुंच हो गई है। पुल निर्माण में सामाजिक संस्था ग्रास, हेस्को, पीरामल फाउंडेशन, उत्तराखंड जल विद्युत निगम और आईसीआईसी बैंक ने सहयोग किया है। ग्राम पंचायत चौमासी के ग्राम प्रधान मुलायम सिंह तिंदोरी ने बताया कि शासन, प्रशासन ने पुल निर्माण की मांग पर ध्यान नहीं दिया तो सामाजिक संस्थाओं की मदद ली गई। मान्यता है कि रूच्छ महादेव के दर्शन से आदि गया का पुण्य प्राप्त होता है।
उधर, जिलाधिकारी मनुज गोयल ने ग्राम प्रधान व सामाजिक संस्थाओं के प्रयास की सराहना की है। बताया कि स्थायी पुल निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से रिपोर्ट मांगी जा रही है।
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आपदा में बह गया था स्टील गार्डर पुल
रुद्रप्रयाग। 16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा में रूच्छ महादेव को जोड़ने वाला पुल काली नदी के सैलाब में बह गया था। तब से पुल निर्माण को लेकर शासन स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। लोनिवि द्वारा मंदिर तक पहुंच के लिए ट्राली भी लगाई गई, जो शोपीश ही साबित होती है।