रुद्रपुर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया गया रैनकोट।
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रुद्रपुर। जिले की 2387 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पीपीई किट देने के बदले उन्हें रेनकोट (बरसाती) थमा दिए गए। इसके चलते कंटेनमेंट जोन, हॉट स्पॉट या अन्य संक्रमित जगहों में बार-बार जाने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संक्रमित होने खतरा बना है।
दरअसल, कोविड-19 में सहयोग के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों के घरों में जाकर बुखार, खांसी, जुकाम, सांस की बीमारियों का पता लगाकर रिकॉर्ड दर्ज कर स्वास्थ्य विभाग को जिले का अपडेट दे रही हैं। यही नहीं आंगनबाड़ी केंद्र बंद होने पर लोगों के घरों में जाकर तीन से छह साल के बच्चों का वजन नापने के साथ ही पुष्टाहार वितरित कर रही हैं।
ऐसे में उन्हें कई बार कंटेनमेंट जोन या कोरोना संक्रमित जगहों पर जाना पड़ता है लेकिन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कार्यकर्ताओं को पीपीई किट देने के बदले रेनकोट थमा दिए गए हैं। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि पहले कार्यकर्ताओं को पीपीई किट देने की बात की गई थी लेकिन बरसाती मौसम को देखते हुए उन्हें रेनकोट दिए गए हैं।
इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कोरोना संक्रमण से बचाव के साथ-साथ सर्वे करने में बरसात से भी बचेंगी। बताया कि नए रेनकोट देने के लिए प्रशासन स्तर पर बात की जा रही है। इधर, एसीएमओ डॉ. अविनाश खन्ना ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए एक बार रेनकोट उपयोगी हो सकता है, बार-बार पहने पर उसे हर समय सैनिटाइज करना बहुत जरूरी है, अन्यथा खतरा बढ़ सकता है।