जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग की लगभग 20 हजार आबादी को शुद्ध पेयजल सप्लाई के लिए कवायद होने लगी है। जलसंस्थान की ओर से पुनाड़ गदेरा पेयजल योजना से अगले 30 वर्ष के लिए शुद्ध जलापूर्ति के लिए 5.12 एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर प्लांट का डिजायन तैयार किया जा रहा है।
पुनाड़ गदेरा पेयजल और फिल्टर प्लांट के तहत पांच किमी से लंबी पेयजल पाइप लाइन को बेहतर किया जाएगा। फिल्टर लगने से बीस हजार की आबादी को प्रतिदिन 51 लाख 23 हजार 250 लीटर शुद्ध पेयजल सप्लाई होगी। उत्तराखंड पेयजल निगम की ओर से इस फिल्टर का निर्माण किया जाएगा, जिस पर सात करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। चिह्नित स्थानों पर पांच लाख लीटर क्षमता वाले फिल्टर युक्त स्टोर टैंकों का निर्माण भी किया जाएगा। वहीं, जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय सिंह का कहना है कि तीस वर्षों तक सप्लाई को ध्यान में रखकर फिल्टर का डिजायन तैयार किया जा रहा है। सब ठीक रहा तो दो वर्षों में नगर में पर्याप्त व शुद्ध जलापूर्ति होने लगेगी।
पुनर्गठन के पहले फेज की स्वीकृति मिली
रुद्रप्रयाग। पुनाड़ गदेरा पेयजल योजना के पुनर्गठन के लिए उत्तराखंड जलनिगम को पहले फेज के 41 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। योजना पुनर्गठन और पंपिंग प्लांट की सिविल डीपीआर का कार्य पूरा होने वाला है।