केदारनाथ में दुग्ध गंगा के फैलाव क्षेत्र को आखिरी प्वाइंट पर पचास मीटर तक सीमित किया जाएगा। साथ ही दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। इसके लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण-लोनिवि ने सरकार को 70 लाख का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।
केदारनाथ में दुग्ध गंगा का आखिरी छोर पर फैलाव प्रतिवर्ष बढ़ रहा है, जिससे भू-कटाव का खतरा भी बन रहा है। भू-वैज्ञानिकों सुझाव पर जिला प्रशासन के माध्यम से कार्यदायी संस्था द्वारा शासन को दुग्ध गंगा को चैनेलाइज करने का प्रस्ताव तैयार कर 70 लाख की डीपीआर भी भेजी है। दोनों तरफ से भी 50-50 मीटर लंबाई में आरसीसी सुरक्षा दीवार बनाई जाएगी। ईई प्रदीप कर्णवाल का कहना है कि भू-वैज्ञानिकों के सर्वेक्षण के आधार पर कार्य किया जाएगा।