पंतनगर। परियोजनाओं में नियुक्त शिक्षकों से सौतेला व्यवहार करते हुए सातवें वेतनमान के लाभ से वंचित रखने सहित विभिन्न मांगों पर उदासीन रवैये से आक्रोशित शिक्षक सड़क पर उतर आए। इससे विश्वविद्यालय में शिक्षण, शोध एवं प्रसार के कार्यक्रम ठप रहे। छात्र तय समय पर अपने महाविद्यालयों में पहुंचे, लेकिन शिक्षकों के कार्य बहिष्कार पर होने की जानकारी होने पर उन्हें बैरंग छात्रावासों में लौटना पड़ा।
पंतनगर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पूटा) की आम सभा में लिए गए निर्णय के अनुसार बृहस्पतिवार को विवि शिक्षकों व वैज्ञानिकों ने बेमियादी पूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। महाविद्यालयों में एकत्र हुए शिक्षकों ने कक्षाएं नहीं लीं और पढ़ने आए छात्रों को कक्षाओं में नहीं जाने दिया। शिक्षकों ने समाप्त हुई एक्रिप परियोजनाओं व कृषि विज्ञान केंद्रों में कार्यरत शिक्षक, वैज्ञानिक व कर्मचारियों को नियमित मानते हुए विवि में समायोजित करने की मांग की। पूटा अध्यक्ष डॉ. रोहिताश्व सिंह और उपाध्यक्ष डॉ. डीसी बचखेती ने कहा कि विवि जब तक उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं करता, तब तक शिक्षक व वैज्ञानिक अपना कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे।
दो शिक्षकों ने कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बातचीत की है, जो सकारात्मक रही है। आईसीएआर व राज्य सरकार के बीच परियोजनाओं के लिए एक एमओयू साइन किया गया था। इसमें राज्य सरकार की ओर से विवि के नियंत्रक तथा आईसीएआर की ओर वहां के अधिकारी ने 75 प्रतिशत आईसीएआर तथा 25 प्रतिशत राज्य सरकार के बजट साझाकरण पर सहमति बनी थी। एमओयू के अनुसार विवि को कर्मचारियों की नियुक्ति करनी होगी और कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी माना जाएगा। विवि के अन्य नियमित कर्मचारियों की भांति ही नियमित कर्मचारियों के रूप में परियोजनाओं की समाप्ति के बाद इन कर्मचारियों को समायोजित किया जाएगा। इन परियोजनाओं में से अधिकांश परियोजनाएं अभी भी कार्यरत हैं। परन्तु वर्ष 2014-15 में राज्य सरकार ने एमओयू में संशोधन कर एक्रिप परियोजनाओं में कार्यरत सभी शिक्षक, वैज्ञानिक व कर्मचारियों को अनियमित घोषित कर दिया। जिससे कर्मचारियों को सभी सेवानिवृत्ति लाभ भी नहीं मिल पाया। इसके चलते ही आंदोलन का फैसला करना पड़ा है।
नियंत्रक व उपनियंत्रक को ठहराया जिम्मेदार, हटाने की मांग
पंतनगर। पूटा के उपाध्यक्ष डॉ. डीसी बचखेती और डॉ. बिजेंद्र सिंह ने शासन में अपना पक्ष रखा है। बताया कि विवि के नियंत्रक व उनके अधीन कार्यरत उप नियंत्रक एसपी कुरील शासन में गलत सूचनाएं देते हैं। इससे शासन में इसके लेकर गलतफहमी बनी हुई है। अध्यक्ष डॉ. रोहिताश्व सिंह ने बताया कि अब प्रशासन व शासन से उनकी पहली मांग नियंत्रक व उप नियंत्रक को हटाने की रहेगी। विवि में प्रत्येक कैडर के कर्मी सिर्फ उप नियंत्रक एसपी कुरील से ही परेशान हैं।