इस बार भी केदारनाथ विधानसभा की जनता निर्दलीय को नेतृत्व देने में उत्सुक नहीं दिखी। निर्दलीय कुलदीप रावत के लिए यह चुनाव भी उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। वर्ष 2017 में कुलदीप रावत जहां रुके थे। इस बार भी वहीं पर आकर ठहर गए। मोदी मैजिक में इस बार तो हार का आंकड़ा भी 8463 पार हो गया।
बुधवार को मतगणना के दौरान केदारनाथ विस में मुकाबला निर्दलीय बनाम राष्ट्रीय दल था। इस बार निर्दलीय कुलदीप रावत के सामने भाजपा की शैलारानी रावत थीं। पहले से आखिर राउंड में भाजपा और निर्दलीय के बीच टक्कर तो दिखी। लेकिन निर्दलीय रावत किसी भी राउंड में इस कदर वोट हासिल नहीं कर पाए, जिससे बढ़त बनाने का मौका मिले। तीसरे और चौथे राउंड में भले ही वह भाजपा की बढ़त को कम करने में सफल रहे। लेकिन बाद के राउंड में यह बढ़त बढ़ती गई, जिसने हार के अंतर को भी बढ़ाया। आगे भी उनका प्रयास जारी रहेगा। लेकिन जनता का जनादेश स्वीकार है। कहा कि जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा आगे रहेंगे।