जखोली विकासखंड के सिलगढ़ पट्टी के गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है। क्षेत्र के लिए संचालित तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना बरसात से जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो रही है। इससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने जलसंस्थान से पेयजल योजना की स्थायी मरम्मत की मांग की है।
सिरवाड़ी गदेरे से संचालित तैला-सिलगढ़ पेयजल योजना से जखनोली, टाट, मुसाढुंग, कुमड़ी, बुडोली, तैला, तैला वाड, जैली, मरगांव, कंडाली, शीशो, फलाटी आदि गांवों के लिए पेयजल सप्लाई होती है। निर्माण के बाद से योजना बरसात में प्रतिवर्ष क्षतिग्रस्त हो रही है। बीते वर्ष 9 अगस्त को सिरवाड़ी में अतिवृष्टि के बाद से योजना कई स्थानों पर खस्ताहाल हो गई है। ऐसे में हल्की बारिश में योजना भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हो रही है।
सिलगढ़ विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीर सिंह रावत, डीएस जखनवाल, दीपक रावत, उक्रांद नेता मोहित डिमरी का कहना है कि करोड़ों खर्च कर बनाई गई योजना की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाए हैं। योजना के पाइप कई स्थानों पर हवा में हैं जिससे पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरने से बरसात में बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है। जलसंस्थान को बार-बार अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि पेयजल योजना की मरम्मत की जा रही है। साथ ही पूरी योजना को भूमिगत करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेयजल सप्लाई को लेकर कोई दिक्कत नहीं होगी।