स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) के अंतर्गत जनपद में कार्यरत 92 अधिकारियों/कर्मचारियों को बीते 4 माह से मानदेय नहीं मिल पाया है। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मियों के सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट पैदा हो गया है। उन्होंने विभाग से 15 अगस्त पर मानदेय भुगतान की मांग की है, अन्यथा वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
जनपद में एनएचएम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन शिविर और मातृ एवं शिशु के स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही विभागीय योजनाओं के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जा रही है। इसके तहत जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक मुख्यालयों में अधिकारी/कर्मचारी तैनात किए गए हैं, लेकिन इन कर्मियों को बीते अप्रैल माह से मानदेय नहीं मिल पाया है, जिस कारण वह आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। कर्मियों का कहना है, कि विभागीय अधिकारियों के माध्यम से उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराने पर भी सुध नहीं ली जा रही है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस से पूर्व मानदेय भुगतान की मांग की है। अन्यथा सभी कर्मचारी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।