मंगलवार को जाखाल गदेरे से तिलवाड़ा-मयाली-जखोली मोटर मार्ग पर मरडीगाड़ में आए भारी मलबे में फंसे क
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ऑल वेदर रोड़ के तहत निर्माधाणीन कुंड-ल्वारा-गुप्तकाशी बाईपास का मलबा ल्वारा गांव के समीप टिंचरी गदेरे में डंप करने से कई आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। इन दिनों तेज बारिश के चलते ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन व एनएच से घरों की तरफ बह रहे गदेरे के पानी की निकासी के लिए पाइप लगाए जाने की मांग की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि द्वारा ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बीते वर्ष से 12 किमी लंबे कुंड-ल्वारा-गुप्तकाशी बाईपास का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क कटान का मलबा ल्वारा गांव व जीआईसी के मध्य बह रहे टिंचरी गदेरे में डाला जा रहा है। टनों मलबे से गदेरे का रुख गांव की तरफ हो गया है, जिससे 6 से अधिक आवासीय मकान खतरे की जद में आग गए हैं। ग्रामीण महेश बगवाड़ी, रामकृष्ण बगवाडी, सुरजीत सिंह, दरमान भट्ट, मनीष सेमवाल, डा. राजेंद्र शुक्ला का कहना है, कि एनएच द्वारा समस्या निस्तारण के नाम पर खानापूर्ति के लिए 2 से 4 इंच के पाइप गदेरे में डाले गए हैं, जो उफान पर बह रहे गदेरे के बहाव को रोकने के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं। कहा कि घुस रहे पानी की उचित निकासी नहीं की गई तो, कभी भी जानमाल का नुकसान हो सकता है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कार्यदायी संस्था को मलबे को गदेरे में डंप करने से मना कर दिया गया है। साथ ही आवासीय घरों की सुरक्षा के लिए गदेरे के बहाव को उसकी मूल दिशा में करने के निर्देश दिए गए हैं।